निशा बिजनेस कंसल्टेंसी और यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन के नाम पर किया निवेश का लालच; पीड़ितों से बातचीत बंद कर फरार होने की कोशिश, पुलिस ने पकड़ा
दुर्ग जिले में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर पांच लोगों से 35 लाख की ठगी करने वाले तीन युवकों को सुपेला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी कंपनियों के नाम पर निवेश करवाकर न नफा दिया, न रकम लौटाई। पुलिस ने ठगी की राशि से खरीदी गई करीब 13 लाख की लग्जरी कार भी जब्त की है।
दुर्ग। सुपेला थाना क्षेत्र में शेयर बाजार में रकम दोगुनी करने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने खुद को विभिन्न निवेश कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को हर महीने 10 से 15 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर 35 लाख रुपये हड़प लिए।
फर्जी कंपनियों के नाम पर निवेश का लालच
पीड़ित अविनाश कुमार ने 18 नवंबर को सुपेला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात सेक्टर-1 भिलाई निवासी चंदर राव, विवान सिंघानिया उर्फ सूर्या कांत निर्मलकर और देवेंद्र कुमार सहारे से हुई।
इन लोगों ने अविनाश को बताया कि वे निशा बिजनेस कंसल्टेंसी और यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं, जहां निवेश करने पर शेयर ट्रेडिंग के माध्यम से स्थायी मुनाफा मिलता है।
टी-सूर्यामाल स्थित ऑफिस में मिला पूरा गिरोह
आरोपियों ने अविनाश को उसके रिश्तेदारों और परिचितों के साथ टी-सूर्यामाल स्थित एक ऑफिस में बुलाया, जहां उनकी मुलाकात स्नेहांशु, डॉली और निशा से करवाई गई। सभी ने बड़े मुनाफे का भरोसा देते हुए जून 2025 से अगस्त 2025 के बीच कुल 35 लाख रुपये का निवेश करवा लिया।
न निवेश पर लाभ, न रकम वापस
अविनाश के अनुसार निवेश के बाद न तो वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई। आरोपियों ने लगातार टालमटोल किया और बाद में फोन बंद कर गायब होने लगे।
तीन आरोपी गिरफ्तार, कार जब्त
पीड़ित की शिकायत पर सुपेला पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने तीन आरोपियों —
चंदर राव (25 वर्ष)
देवेंद्र कुमार सहारे (30 वर्ष)
विवान सिंघानिया उर्फ सूर्या कांत निर्मलकर (28 वर्ष)
— को गिरफ्तार किया।
थाना प्रभारी के अनुसार चंदर राव के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई किआ कंपनी की कार (कीमत लगभग 12–13 लाख रुपये) जब्त की गई है।
मुख्य आरोपी पहले से जेल में
जांच में यह भी सामने आया कि इस प्रकरण का मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव, उसकी पत्नी और सहयोगी निशा मानिकपुरी पहले से ही 75 लाख रुपये की ठगी के अन्य मामले में जेल में बंद हैं। पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों और उनकी निवेश फ्रॉड की कार्यप्रणाली की जांच कर रही है।