वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया मुख्य आरोपी, पूछताछ में खुला गैंग का भंडाफोड़; 465 अल्फाजोलम व 232 डायक्लोफिन टेबलेट समेत 90 हजार का माल जब्त
दुर्ग पुलिस ने नशीली दवाओं की अवैध बिक्री करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। धमधा नाका पर वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े गए एक युवक की एक्टिवा की डिक्की से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी चार तस्करों को भी दबोच लिया।
दुर्ग। जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूरा मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है, जहां 18 नवंबर की शाम पुलिस टीम ने धमधा नाका मोर्चा पॉइंट पर वाहन चेकिंग अभियान चलाया था। इसी दौरान एक एक्टिवा सवार युवक संदिग्ध अवस्था में नजर आया।
पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम रवि मटियारा (34 वर्ष) बताया। शक के आधार पर जब उसकी एक्टिवा (CG 07 AT 5162) की डिक्की की तलाशी ली गई तो सफेद पॉलीथिन में भरी अल्फाजोलम और डायक्लोफिन जैसी प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप मिली। रवि इन्हें बेचने के लिए ले जा रहा था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। रवि ने बताया कि वह कई साथियों के साथ मिलकर नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई करता है। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने अनिल यादव (37), मानव सेन (25), उजाला कुमार प्रजापति (20) और अमित विश्वकर्मा (19) को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने कुल 465 अल्फाजोलम टेबलेट, 232 डायक्लोफिन टेबलेट, एक्टिवा वाहन और एक ओपो मोबाइल सहित लगभग 48,450 रुपये का अवैध माल जब्त किया है। आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच अधिकारी के अनुसार आरोपी इन दवाओं को छोटे विक्रेताओं तक पहुंचाने की फिराक में थे और ग्राहक तलाश रहे थे। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि गिरोह का नेटवर्क कितने क्षेत्रों में फैला है और दवाएं कहां से लाई जा रही थीं।