सभी बैंकों में तेज़ी से हो रहा सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन और मोबाइल ऐप से घर बैठे भी उपलब्ध सुविधा
छत्तीसगढ़ शासन ने पेंशनरों की सुविधा के लिए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने का विशेष अभियान शुरू किया है। राज्य में अब तक लगभग 50 प्रतिशत पेंशनर अपना प्रमाण पत्र जमा कर चुके हैं, जबकि शेष पेंशनरों को निर्धारित अवधि के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
रायपुर। पेंशनरों को सुविधाजनक सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि द्वारा नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर राज्यभर के सभी बैंकों में पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र स्वीकार करने की कार्यवाही तीव्र गति से जारी है।
वृद्ध पेंशनरों को बैंक शाखाओं में पहुंचने में होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय तथा संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ द्वारा “डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र मिशन 4.0” के तहत लचीली व्यवस्था लागू की गई है। अब पेंशनर किसी भी बैंक शाखा में अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकते हैं।
राज्य के विभिन्न शहरों में भारतीय स्टेट बैंक सहित 8 अधिकृत बैंकों द्वारा विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र लिए जा रहे हैं। यह तकनीक वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रक्रिया को और सरल बनाती है।
इसके अलावा पेंशनरों को यह विकल्प भी दिया गया है कि वे “JEEVAN PRAMAAN” मोबाइल ऐप या वेबसाइट के माध्यम से, आधार और मोबाइल नंबर का उपयोग कर घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकें।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के कुल पेंशनरों में से लगभग 50 प्रतिशत पेंशनरों ने नवंबर माह के इस अभियान के दौरान अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करा दिया है। संचालनालय ने शेष पेंशनरों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का लाभ लेते हुए समय पर अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करें, ताकि उनकी पेंशन वितरण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के जारी रह सके।