अगले 24 घंटे स्थिर रहेगा तापमान, फिर 2–3°C और गिरावट की संभावना; स्वास्थ्य विभाग ने सतर्क रहने की जारी की एडवाइजरी
उत्तर भारत से आ रही तेज ठंडी हवाओं ने छत्तीसगढ़ में शीतलहर जैसे हालात बना दिए हैं। सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जबकि अंबिकापुर का तापमान गिरकर 7°C तक पहुंच गया है। कई क्षेत्रों में लोग सुबह-शाम अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
रायपुर। प्रदेश में ठंड एक बार फिर अपने चरम पर है। उत्तर दिशा से लगातार आ रही बर्फीली हवाएं छत्तीसगढ़ के उत्तरी और पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड बढ़ा रही हैं। सरगुजा संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जशपुर और पेंड्रा में लोग सुबह और देर शाम अलाव का सहारा लेकर ठिठुरन से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
दूसरी ओर, भिलाई और दुर्ग जैसे मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ बना हुआ है और सुबह से धूप खिली है। हालांकि, हवा की ठंडक लोगों को गर्म कपड़ों में रहने के लिए मजबूर कर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड का असर और तेज होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान दुर्ग में 29.9°C और सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 7.8°C दर्ज किया गया।
इधर, स्वास्थ्य विभाग ने ठंड बढ़ने के मद्देनजर एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि तापमान में अचानक गिरावट से हाइपोथर्मिया, वायरल संक्रमण, सर्दी व खांसी-जुकाम का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।