बैंक में घेरकर रिटायरमेंट की पूरी रकम ले गए; धमकी, ब्लैंक चेक और फर्जी एग्रीमेंट जब्त—पुलिस ने 3 आरोपी पकड़े, बाकी फरार
भिलाई में कर्ज के जाल में फंसे एक रिटायर BSP कर्मचारी से सूदखोरों ने 3 लाख के बदले 10 लाख रुपए हथिया लिए। बैंक में ट्रांजैक्शन के दौरान 10 से ज्यादा लोगों ने कर्मचारी और उसकी पत्नी को घेरकर धमकाया और रिटायरमेंट की पूरी रकम जबरन अपने खाते में डलवा ली। पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
दुर्ग। दुर्ग जिले में सूदखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को कर्ज वसूली के नाम पर आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। घरेलू जरूरतों के चलते पीड़ित ने फरवरी 2025 में शहर के प्रदीप नायक के माध्यम से एम. कृष्णा रेड्डी उर्फ सोनू की पहचान से जयदीप सिंह नामक शख्स से 3 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले उससे प्रगति महिला नागरिक सहकारी बैंक, सेक्टर-2 के पाँच ब्लैंक चेक और दो एग्रीमेंट पेपर पर हस्ताक्षर कराए गए थे।
चार महीने बाद जून 2025 में कर्मचारी ने ब्याज सहित पूरी राशि लौटा दी थी, लेकिन इसके बावजूद मुख्य आरोपी जयदीप लगातार यह दबाव बनाता रहा कि अभी उसका ब्याज बाकी है। उसने न सिर्फ ब्लैंक चेक और एग्रीमेंट वापस करने से इनकार किया, बल्कि नई रकम देने के लिए पीड़ित को धमकाने लगा।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब 30 नवंबर को कर्मचारी के रिटायर होने के बाद वह 3 दिसंबर को अपनी पत्नी के साथ बैंक पहुंचा। खाते से रिटायरमेंट की रकम ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया के दौरान जयदीप सिंह, कृष्णा रेड्डी, प्रदीप नायक और उनके 8–10 साथी वहां पहुंचे। उन्होंने दंपती को अपशब्द कहे, जान से मारने की धमकी दी और दबाव बनाकर 9 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए तथा 1 लाख रुपए नकद—कुल 10 लाख रुपए अपने परिचित के खाते में जमा करा लिए।
शिकायत मिलने पर भिलाई भट्ठी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग बैंकों के ब्लैंक चेक, एग्रीमेंट पेपर और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों—ओमप्रकाश (57), प्रदीप नायक (38) और एम. कृष्णा रेड्डी (28)—को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में जिले में सक्रिय इस सूदखोर गिरोह की और परतें खुल सकती हैं और अन्य पीड़ितों के सामने आने की भी संभावना है।