जिम्मेदारों की चुप्पी से यात्री बेहाल, एयरपोर्ट और एयरलाइंस से नहीं मिल रहा जवाब; ट्रेन-बस सेवाओं पर बढ़ा दबाव
रायपुर एयरपोर्ट में लगातार बढ़ रहे फ्लाइट संकट ने यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। सोमवार सुबह तक इंडिगो की पांच फ्लाइटें समेत कुल छह उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि पिछले तीन दिनों में 54 फ्लाइटें कैंसिल हो चुकी हैं। जवाबदेही से बचते अधिकारियों और एयरलाइन की चुप्पी से यात्रियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
रायपुर। राजधानी रायपुर एयरपोर्ट में उड़ानों का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह 11 बजे तक शहर से उड़ान भरने वाली छह फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया, जिनमें से पांच इंडिगो एयरलाइंस की थीं। मुंबई और हैदराबाद जाने वाली दो-दो तथा बेंगलुरु की एक उड़ान रद्द हुई। इसी तरह रायपुर आने वाली पांच फ्लाइटें भी नहीं पहुंच सकीं, जिनमें चार इंडिगो की थीं।
एयरपोर्ट सूत्रों ने आशंका जताई है कि दिनभर में और भी उड़ानें कैंसिल, डायवर्ट या डिले हो सकती हैं। बीते तीन दिनों में इंडिगो अकेले 54 फ्लाइटों को रद्द कर चुकी है, जिससे यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
उधर, एयरपोर्ट अथॉरिटी से लेकर इंडिगो प्रबंधन तक किसी की ओर से स्थिति पर स्पष्ट बयान नहीं दिया जा रहा। एयरपोर्ट डायरेक्टर के.के. लहरे से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने मीटिंग का हवाला देकर कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। बाद में उन्होंने फोन रिसीव भी नहीं किया। इंडिगो एयरलाइंस की ओर से भी कोई अधिकारी बात करने तैयार नहीं है।
बिना सूचना फ्लाइट रद्द, यात्रियों में आक्रोश
शनिवार को इंडिगो ने एक ही दिन में 11 फ्लाइटें बिना किसी पूर्व सूचना के रद्द कर दीं। यात्री फोन, ई-मेल और संदेशों के जरिए जब जानकारी मांगते रहे तो एयरलाइन की ओर से बस इतना जवाब मिला—“टिकट का पैसा रिफंड कर दिया जाएगा।”
यात्रियों का कहना है कि—“जरूरी काम निपटाने थे, रिफंड मिल भी जाए तो नुकसान और परेशानी की भरपाई कौन करेगा?”
ट्रेनों और बसों पर बढ़ा दबाव
फ्लाइट संकट का सीधा असर ट्रेनों और बसों पर दिख रहा है। कई प्रमुख ट्रेनों में अगले कई दिनों तक सीटें उपलब्ध नहीं हैं।
ट्रेनों की स्थिति
- समता एक्सप्रेस – 8 जनवरी तक फुल
- छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (AC) – 31 दिसंबर तक वेटिंग
- गीतांजलि एक्सप्रेस – 11 जनवरी तक वेटिंग
- हावड़ा–मुंबई मेल – 29 दिसंबर तक नो रूम
- ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस – 5 से 9 जनवरी तक लंबी वेटिंग
- बसों में भी बुकिंग बढ़ी
भोपाल–इंदौर रूट: पहले 50% सीटें ही भरती थीं, अब 75% सीटें फुल
हैदराबाद रूट: पहले 70% यात्रियों के साथ बसें चलती थीं, अब 90% सीटें भरी
फ्लाइटें रद्द होने की वजह स्पष्ट न होने से यात्रियों की चिंता और भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यात्रा करना और मुश्किल हो जाएगा।