साय सरकार ने दो साल का रिपोर्ट कार्ड किया पेश; पुनर्वास नीति, उद्योग, रोजगार और नक्सल उन्मूलन पर बड़े फैसले
छत्तीसगढ़ में साय सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रिमंडल के साथ शासन का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान उन्होंने खेल, नक्सल पुनर्वास, औद्योगिक निवेश और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये देने और सरेंडर करने वाले नक्सलियों को घोषित इनाम सीधे देने का फैसला इनमें प्रमुख रहा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर उपलब्धियों और नीतिगत फैसलों का ब्यौरा जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार ने नक्सल उन्मूलन, उद्योग, रोजगार और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठाए हैं।
पुनर्वास नीति में बड़ा बदलाव
सीएम साय ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पुनर्वास नीति में अहम संशोधन किया गया है। अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों को जमीन के साथ-साथ उनके ऊपर घोषित पूरा इनाम भी दिया जाएगा। पहले यह राशि पुलिस को मिलती थी, लेकिन नई व्यवस्था में इसका सीधा लाभ आत्मसमर्पण करने वालों को मिलेगा।
खेलों को बढ़ावा, ओलिंपिक गोल्ड पर 3 करोड़
खेल क्षेत्र में सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए घोषणा की कि ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ सरकार 3 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देगी। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।
बस्तर में स्थानीय कारोबारियों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में उद्योगों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें स्थानीय कारोबारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति को देश-विदेश में सराहना मिल रही है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
पीएससी घोटाले पर CBI जांच
पीएससी घोटाले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर सीबीआई जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से हुई हैं, जिससे आयोग और सरकार पर जनता का भरोसा बढ़ा है।
नक्सलवाद कमजोर, सुरक्षा कैंप बने आधार
सीएम साय ने कहा कि माओवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा था, लेकिन अब इसका प्रभाव काफी कम हुआ है। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत 69 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जो ग्रामीणों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सेवाओं का केंद्र बन चुके हैं। फोर्स के लगातार मूवमेंट के चलते बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं।
पर्यटन और निवेश को नई रफ्तार
प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में डिफेंस, आईटी, एआई और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों को विशेष पैकेज दिया गया है। बस्तर और सरगुजा में उद्योग लगाने वालों को सस्ती जमीन और टैक्स में राहत मिल रही है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होम-स्टे पॉलिसी और ईको-टूरिज्म पर तेजी से काम शुरू हुआ है।
राजनीतिक बयान
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस के बहिष्कार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावी हार से हताश है। सरकार मजबूत विपक्ष चाहती है, लेकिन यह कांग्रेस का अपना फैसला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे।