तांत्रिक केके, पप्पू बंसल और दीपेन के बयानों पर गिरफ्तारी, रायपुर कोर्ट में पेशी, तीन दिन की रिमांड की मांग
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी का दावा है कि घोटाले से जुड़े पैसों के प्रबंधन में उनकी अहम भूमिका रही और उन्हें करीब सौ करोड़ रुपये मिले हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लगभग बत्तीस सौ करोड़ रुपये के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच तेज करते हुए मंगलवार शाम सौम्या चौरसिया को रायपुर स्थित जोनल कार्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। ईडी के अनुसार पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए कई आर्थिक अनियमितताओं में सौम्या चौरसिया पैसों के समन्वय और लेन-देन की मुख्य कड़ी थीं।
ईडी ने यह गिरफ्तारी पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल प्रबंधक दीपेन चावड़ा के बयानों के आधार पर की है। जांच एजेंसी को सौम्या चौरसिया, सेवानिवृत्त आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर व चैतन्य बघेल के बीच हुई बातचीत के डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिन्हें महत्वपूर्ण सबूत बताया जा रहा है।
ईडी का कहना है कि सौम्या चौरसिया शराब घोटाले के पूरे नेटवर्क में समन्वयक की भूमिका निभा रही थीं और इसी के एवज में उन्हें करीब सौ करोड़ रुपये मिलने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि घोटाले की रकम के बंटवारे और प्रबंधन में उनकी भूमिका केंद्रीय रही।
गिरफ्तारी के बाद सौम्या चौरसिया को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां दोनों पक्षों के वकीलों के बीच लंबी बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिया ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए कहा कि बिना मजिस्ट्रेट जांच के कार्रवाई की गई है और जांच के दौरान कहानी व राशि में बदलाव किया गया। वहीं ईडी ने अदालत से तीन दिन की रिमांड की मांग की है, ताकि आगे की पूछताछ की जा सके।
फिलहाल मामले में अदालत का आदेश आना शेष है। ईडी का कहना है कि शराब घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।