20 महीने में 79,000% का अकल्पनीय रिटर्न; 2 कर्मचारियों और ₹2 लाख की कमाई वाली कंपनी की वैल्यू ₹15,000 करोड़ पहुंची, SEBI ने कसा शिकंजा।
मुंबई(ए)। भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक ऐसी पहेली सामने आई है जिसने दलाल स्ट्रीट के बड़े-बड़े दिग्गजों को हैरत में डाल दिया है। RRP सेमीकंडक्टर नाम की एक गुमनाम कंपनी ने महज 20 महीनों के भीतर निवेश के सारे सिद्धांतों को ध्वस्त करते हुए 793 गुना की छलांग लगाई है। ₹15 के मामूली भाव से शुरू हुआ यह सफर ₹11,095 के शिखर तक जा पहुंचा, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी। हालांकि, इस ‘सुपरसोनिक’ रफ्तार के पीछे किसी ठोस व्यापारिक आधार के बजाय सट्टेबाजी और कृत्रिम हाइप की बू आ रही है, जिसके चलते बाजार नियामक SEBI ने अब इस पर कड़ा पहरा बैठा दिया है।
इस कंपनी की बैलेंस शीट किसी वित्तीय डरावनी फिल्म से कम नहीं है। जिस कंपनी का मार्केट कैप ₹15,116 करोड़ आंका गया, उसका वास्तविक टर्नओवर मात्र ₹2.11 लाख है। वित्तीय आंकड़ों की गहराई में जाने पर पता चलता है कि कंपनी को हालिया तिमाही में ₹7 करोड़ का भारी घाटा हुआ है। ताज्जुब की बात यह है कि अरबों की इस ‘साम्राज्य’ को चलाने के लिए दफ्तर में केवल दो स्थायी कर्मचारी मौजूद हैं। ‘सेमीकंडक्टर’ का लुभावना नाम रखकर निवेशकों को भविष्य का सपना बेचा गया, जबकि धरातल पर कंपनी का उत्पादन से दूर-दूर तक नाता नहीं है।
लिक्विडिटी का चक्रव्यूह: 98% हिस्सेदारी ‘अपनों’ के पास
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस शेयर की कीमत को ‘पंप एंड डंप’ की तकनीक से हवा दी गई। कंपनी के 98% से अधिक शेयर प्रमोटर और उनके करीबियों की मुट्ठी में कैद हैं, जबकि जनता के पास केवल 2% हिस्सा ही उपलब्ध है। बाजार में शेयरों की भारी कमी का फायदा उठाते हुए कम वॉल्यूम में ही लगातार 149 बार अपर सर्किट लगाए गए। जब आपूर्ति सीमित हो और मांग को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जाए, तो कीमतें इसी तरह रॉकेट बन जाती हैं।
सेलिब्रिटी का नाम और सोशल मीडिया का ‘भ्रामक’ शोर
इस ‘वित्तीय गुब्बारे’ को फुलाने में सोशल मीडिया की अफवाहों ने ऑक्सीजन का काम किया। सितंबर 2024 में एक समारोह के दौरान क्रिकेट जगत के शिखर पुरुष सचिन तेंदुलकर की उपस्थिति को गलत तरीके से ‘निवेश’ के रूप में प्रचारित किया गया। व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर यह भ्रामक सूचना फैलाई गई कि सरकार ने कंपनी को जमीन आवंटित की है। हालांकि, बाद में कंपनी ने इन खबरों को नकारते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी सेलिब्रिटी का कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन तब तक मासूम रिटेल निवेशक इस जाल में फंस चुके थे।
SEBI का चाबुक: अब हफ्ते में केवल एक दिन ‘सांस’ लेगा शेयर
गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए SEBI और BSE ने इस स्टॉक को ‘सर्वेलांस’ (निगरानी) के सबसे सख्त घेरे में डाल दिया है। अब इस शेयर में रोजाना ट्रेडिंग नहीं होगी; इसे ‘कॉल ऑक्शन’ के तहत हफ्ते में केवल एक दिन (सोमवार) को ट्रेडिंग के लिए खोला जाएगा। साथ ही, इसके उतार-चढ़ाव की सीमा को घटाकर महज 1% कर दिया गया है। नियामक अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या प्रमोटर्स ने जानबूझकर भाव को मैनिपुलेट कर निवेशकों के साथ विश्वासघात किया है।