24 घंटे में पुलिस का बड़ा खुलासा, मुख्य आरोपी समेत 4 गिरफ्तार, एक नाबालिग भी शामिल
कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में वरिष्ठ भाजपा नेता व जनपद सदस्य अक्षय गर्ग की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा करते हुए पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। चुनावी रंजिश, व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और सामाजिक रुतबा कम होने की कुंठा इस हत्याकांड की मुख्य वजह सामने आई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
कोरबा/कटघोरा। जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता और जनपद सदस्य अक्षय गर्ग की जघन्य हत्या की गुत्थी सुलझाने में कोरबा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी डॉ. संजीव शुक्ला स्वयं कटघोरा पहुंचे। वहीं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने जटगा पुलिस सहायता केंद्र में कैंप लगाकर जांच की कमान संभाली।
तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और विशेष टीम की मदद से पुलिस ने कुछ ही घंटों में पहला अहम सुराग हासिल किया। घटना में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की टोयोटा अर्बन क्रूजर कार बाजार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में घूमते हुए कैद हो गई थी। इसी कार के साथ मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद की तस्वीर भी पुलिस को मिली, जिसके आधार पर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद मंगलवार रात ही पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।
गिरफ्तार आरोपी:
- मुश्ताक अहमद (25 वर्ष), निवासी ग्राम मल्दा – मुख्य आरोपी
- विश्वजीत ओगरे, निवासी ग्राम सिंघिया कोरबी
- गुलशन पनिका, निवासी ग्राम सिंघिया कोरबी
- एक नाबालिग, 15 वर्षीय किशोर, निवासी कटघोरा क्षेत्र
हत्या के पीछे की वजह:
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के अनुसार, हत्या की जड़ें चुनावी रंजिश और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा से जुड़ी हैं। पंचायत स्तर पर सड़क निर्माण कार्यों को लेकर मृतक अक्षय गर्ग और आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। चुनाव के बाद भी अक्षय गर्ग और मुश्ताक के बीच टकराव की स्थिति बनी रहती थी। इसके अलावा, गांव में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के बैनर-पोस्टर में अक्षय गर्ग की तस्वीर होने और मुश्ताक की तस्वीर नहीं होने को लेकर भी वह अंदर ही अंदर कुंठित था। यही बात धीरे-धीरे उसके मन में बदले की भावना का कारण बनी और हत्या का ट्रिगर पॉइंट साबित हुई।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम:
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या की योजना पहले ही बना ली थी, लेकिन एक दिन पहले मौका नहीं मिलने पर अगले दिन वारदात को अंजाम दिया गया। योजना के तहत गुलशन पनिका ने बाइक से रेकी कर अक्षय गर्ग की लोकेशन की जानकारी दी। जैसे ही अक्षय गर्ग तय स्थान पर पहुंचे, मुश्ताक अहमद ने चाकू से और विश्वजीत ओगरे ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टोयोटा अर्बन क्रूजर कार, चाकू और कुल्हाड़ी को बरामद कर लिया है। इस अहम खुलासे के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर और कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी भी मौजूद रहे। पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।