BREAKING: संजू के जाते ही RR में शुरू हुआ पावर-गेम; अनुभव के आगे झुकेगा युवा सितारा या ‘प्रिंस ऑफ असम’ मारेंगे बाजी? चौंकाने वाला खुलासा!
जयपुर(ए)। आईपीएल 2026 के आगाज से पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) के खेमे में कप्तानी को लेकर मचे घमासान ने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया है। संजू सैमसन के चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में ट्रेड होने के बाद हर किसी की नजर इस बात पर थी कि टीम की कमान ‘वंडर बॉय’ यशस्वी जायसवाल को मिलेगी। लेकिन ताजा रिपोर्टों ने जायसवाल के प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया है। खबर है कि राजस्थान रॉयल्स का मैनेजमेंट फिलहाल यशस्वी को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपने के मूड में नहीं है। कप्तानी की रेस अब दो बड़े नामों—अनुभवी रवींद्र जडेजा और ‘रॉयल्स के चहेते’ रियान पराग के बीच सिमट गई है। इस त्रिकोणीय संघर्ष ने रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम में भविष्य की रणनीति को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
यशस्वी को क्यों करना होगा इंतजार? टैलेंट और लीडरशिप के बीच फंसा पेच
यशस्वी जायसवाल आज की तारीख में भारतीय क्रिकेट के सबसे चमकते सितारे हैं और टेस्ट से लेकर टी-20 तक उनका बल्ला गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रहा है। बावजूद इसके, पूर्व दिग्गजों और टीम मैनेजमेंट का मानना है कि कप्तानी का दबाव यशस्वी की बल्लेबाजी को प्रभावित कर सकता है। अनिल कुंबले और रॉबिन उथप्पा जैसे विशेषज्ञों का तर्क है कि यशस्वी अभी अपने करियर के उस मोड़ पर हैं जहाँ उन्हें बिना किसी अतिरिक्त भार के सिर्फ अपनी बैटिंग पर फोकस करना चाहिए। मैनेजमेंट चाहता है कि यशस्वी टीम के ‘बैटिंग लीडर’ बनें, न कि मैदान पर फैसले लेने वाले कप्तान। यही वजह है कि यशस्वी का कप्तानी का सपना फिलहाल फाइलों में दबता नजर आ रहा है।
जडेजा की घर वापसी और कप्तानी की शर्त: क्या ‘सर’ संभालेंगे कमान?
संजू सैमसन के बदले राजस्थान रॉयल्स में वापस आए रवींद्र जडेजा इस रेस में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जडेजा की रॉयल्स में वापसी के पीछे कप्तानी का एक बड़ा वादा भी हो सकता है। जडेजा के पास चेन्नई सुपर किंग्स का नेतृत्व करने का अनुभव है और वे दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर्स में शुमार हैं। टीम को एक ऐसे चेहरे की तलाश है जो संजू सैमसन की तरह शांत रहकर टीम को लीड कर सके। हालांकि, 2022 में सीएसके की कप्तानी के दौरान जडेजा का प्रदर्शन सवालों के घेरे में रहा था, लेकिन उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव और मैदान पर उनकी मौजूदगी युवाओं से भरी इस राजस्थान की टीम के लिए ‘मेंटॉर’ और ‘कैप्टन’ दोनों का काम कर सकती है।
रियान पराग: मैनेजमेंट का ‘फेवरेट’ और कप्तानी का सबसे बड़ा दावेदार
कप्तानी की रेस में जो दूसरा सबसे बड़ा नाम है, वह है रियान पराग। पिछले कुछ सालों में रॉयल्स मैनेजमेंट ने पराग पर जो भरोसा दिखाया है, वह किसी से छिपा नहीं है। 2025 के सीजन में संजू सैमसन की अनुपस्थिति में पराग ने ही टीम की कमान संभाली थी। हालांकि उनकी कप्तानी में टीम का प्रदर्शन मिला-जुला रहा था, लेकिन मैनेजमेंट उन्हें टीम के ‘लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट’ के रूप में देख रहा है। पराग के पास घरेलू क्रिकेट में कप्तानी का अच्छा अनुभव है और वे टीम के कोर ग्रुप का हिस्सा हैं। अगर रॉयल्स भविष्य की ओर देख रही है, तो रियान पराग इस रेस में रवींद्र जडेजा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं, जिससे यशस्वी जायसवाल की दावेदारी और भी पीछे छूटती दिख रही है।
ध्रुव जुरेल बने ‘डार्क हॉर्स’: क्या मैनेजमेंट करेगा कोई बड़ा धमाका?
इस कप्तानी की जंग के बीच एक नया नाम भी चर्चाओं में आया है और वह है ध्रुव जुरेल। पूर्व दिग्गज अनिल कुंबले ने सुझाव दिया है कि अगर रॉयल्स को संजू सैमसन जैसा शांत और सुलझा हुआ कप्तान चाहिए, तो ध्रुव जुरेल सबसे सटीक विकल्प हो सकते हैं। जुरेल की विकेटकीपिंग और दबाव में मैच फिनिश करने की क्षमता उन्हें एक मैच्योर खिलाड़ी बनाती है। हालांकि अभी वे रेस में जडेजा और पराग से पीछे हैं, लेकिन आईपीएल के इतिहास में राजस्थान रॉयल्स हमेशा अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी गई है। अब देखना यह होगा कि जनवरी में होने वाले आधिकारिक ऐलान में राजस्थान का ‘नया सुल्तान’ कौन बनता है—अनुभव का उस्ताद या उम्मीदों का नया चेहरा।