बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शराब घोटाला मामले में 165 दिनों से बंद चैतन्य बघेल की जमानत मंजूर; 3200 पन्नों की चार्जशीट के बीच मिली बड़ी राहत
बिलासपुर/रायपुर(ए) : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में आज एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा कानूनी मोड़ आया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बिलासपुर हाईकोर्ट ने नियमित जमानत (Regular Bail) दे दी है। नए साल के दूसरे ही दिन आई इस खबर ने छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। पिछले 6 महीनों से लगातार जेल की सलाखों के पीछे बंद चैतन्य बघेल के लिए यह कानूनी जीत बहुत अहम मानी जा रही है। जस्टिस की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद आज शाम यह फैसला सुनाया, जिससे बघेल परिवार और कांग्रेस खेमे में भारी राहत की लहर दौड़ गई है।
आपको बता दें कि चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जुलाई 2025 में शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि चैतन्य बघेल ने राज्य में शराब सिंडिकेट के जरिए अवैध उगाही और धन शोधन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसी का दावा था कि इस पूरे घोटाले की कड़ियाँ सीधे तौर पर उच्च स्तर तक जुड़ी हुई थीं। इस मामले में चैतन्य बघेल की जमानत याचिकाएं पहले निचली अदालतों से कई बार खारिज हो चुकी थीं, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। आज हाईकोर्ट से मिली यह राहत उनके वकीलों की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी हाल ही में, यानी 22 दिसंबर 2025 को ईडी ने रायपुर की विशेष अदालत में करीब 3200 पन्नों की एक विशाल पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में चैतन्य बघेल के खिलाफ कई नए सबूत और डिजिटल साक्ष्य पेश किए गए थे। ईडी ने कोर्ट को बताया था कि चैतन्य ने जांच में सहयोग नहीं किया और उनके पास करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के प्रमाण मौजूद हैं। हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और अब चैतन्य को जेल में रखने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता है। कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए अंततः जमानत पर मुहर लगा दी।
चैतन्य बघेल की जमानत की खबर जैसे ही भिलाई और रायपुर पहुंची, समर्थकों ने आतिशबाजी शुरू कर दी और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला न केवल बघेल परिवार के लिए व्यक्तिगत राहत है, बल्कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर भी गहरा असर डालेगा। फिलहाल कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के बाद आज रात या कल सुबह तक जेल से उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईडी इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी या फिर यह इस केस का एक निर्णायक मोड़ साबित होगा।
“चैतन्य बघेल को मिली यह जमानत छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े घोटाले की कानूनी लड़ाई में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है। 3200 पन्नों की भारी-भरकम चार्जशीट के बावजूद हाईकोर्ट का यह फैसला बताता है कि अब इस मामले की कानूनी दिशा बदलने वाली है। यह बघेल परिवार के लिए नए साल की सबसे बड़ी खुशखबरी है।”