डबल इंजन सरकार का मास्टरस्ट्रोक: अगले 15 सालों में बदलेगी न्यायधानी की सूरत, मध्य भारत का सबसे बड़ा आर्थिक और एजुकेशन हब बनेगा बिलासपुर
बिलासपुर (ए) : छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के विकास को लेकर एक ऐसी ऐतिहासिक लकीर खींच दी है, जिसने बिलासपुर के भविष्य की नई इबारत लिख दी है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कर दिया कि आने वाला दशक बिलासपुर के नाम होगा और यह शहर छत्तीसगढ़ का अगला ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभरेगा। यह बैठक केवल चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर का कायाकल्प अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस अभियान के जरिए बिलासपुर को राष्ट्रीय मानचित्र पर एक मॉडल सिटी के रूप में स्थापित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

दिल्ली से रायपुर तक बिलासपुर के विकास की गूंज
मंत्रालय में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक ने एक अत्यंत शक्तिशाली राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश दिया है। इस मंच पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और शहर के तमाम कद्दावर विधायकों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिलासपुर का विकास अब ‘डबल इंजन’ की ताकत से रफ्तार पकड़ेगा। सरकार का यह साझा प्रयास दर्शाता है कि दिल्ली और रायपुर के बीच सीधा समन्वय स्थापित हो चुका है, जिससे योजनाओं की स्वीकृति और उनके लिए फंड जारी होने में कोई बाधा नहीं आएगी। प्रशासनिक इच्छाशक्ति और राजनीतिक संकल्प के इस मेल ने बिलासपुर की जनता को एक बड़े और सुखद बदलाव का भरोसा दिलाया है।

अगले 15 वर्षों का भविष्योन्मुखी मास्टरप्लान तैयार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक के दौरान बिलासपुर के अगले 10 से 15 वर्षों के शहरी विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी रोडमैप पेश किया। इस रोडमैप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल वर्तमान की समस्याओं का समाधान ही नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का भी ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बढ़ती जनसंख्या, शहरी विस्तार, ट्रैफिक मैनेजमेंट, आधुनिक जल आपूर्ति, और ड्रेनेज जैसे हर छोटे-बड़े पहलू पर बारीकी से काम किया जाएगा। सरकार का “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” वाला दृष्टिकोण यह साफ करता है कि बिलासपुर को एक सुव्यवस्थित महानगर बनाने के लिए हर स्तर पर माइक्रो-प्लानिंग की जा रही है, जो शहर को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करेगी।
मध्य भारत का नया इकोनॉमिक और हेल्थ हब बनेगा शहर
सरकार का विजन बिलासपुर को केवल एक रिहायशी शहर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे मध्य भारत का प्रमुख आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य केंद्र (हब) विकसित करना है। लॉजिस्टिक सपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से बिलासपुर में औद्योगिक निवेश के नए द्वार खोले जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले समय में बिलासपुर में स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन और आधुनिक नगरीय परिवहन जैसी राष्ट्रीय योजनाओं को जमीन पर उतारा जाएगा। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस विजन को साकार करने के लिए वित्तीय संसाधनों की कोई कमी न होने देने का आश्वासन दिया है, जिससे बिलासपुर जल्द ही छत्तीसगढ़ की प्रगति का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरेगा।