NIT रायपुर और केंद्र सरकार का साझा मिशन: कोसा रेशम से उद्यमिता तक… अब ग्रामीण महिलाएं भी बनेंगी बिजनेस लीडर, 90 लाख का बजट मंजूर
रायपुर (ए) : छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं के जीवन में खुशहाली और स्वावलंबन लाने की दिशा में विष्णुदेव साय सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) ने NIT रायपुर को ‘STREE’ (Skill Development through Technological Resources for Empowering Economic Growth of Women) परियोजना की स्वीकृति दे दी है। नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में इस प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना धमतरी जिले की 300 ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक और कौशल विकास के जरिए आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने का लक्ष्य रखती है।
तकनीक और कौशल का संगम: बदलेगी धमतरी की तस्वीर
STREE परियोजना का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में ‘महिला कौशल उपग्रह केंद्र’ स्थापित करना है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की विशेष योजना के तहत इस प्रोजेक्ट के लिए 36 महीनों की अवधि हेतु 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। यह पहल NIT रायपुर की विंग ‘NITRRFIE’ के माध्यम से संचालित की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की उन महिलाओं को लक्षित किया गया है जो कृषि या छोटे-मोटे कार्यों पर निर्भर हैं। अब उन्हें अत्याधुनिक तकनीक से लैस कर उद्यमी बनाने की तैयारी है, जिससे न केवल उनका कौशल बढ़ेगा बल्कि परिवार की आय में भी इजाफा होगा।

कोसा रेशम और आधुनिक बुनाई में मिलेगा वर्ल्ड क्लास प्रशिक्षण
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पहचान ‘कोसा रेशम’ को आधुनिकता से जोड़ेगी। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कोसा रेशम से फाइबर निकालने, उसे प्रोसेस करने और आधुनिक मशीनों पर बुनाई करने की बारीकियां सिखाई जाएंगी। इसके साथ ही, उन्हें उत्पाद डिजाइन, बाजार की मांग को समझने और अपना खुद का सूक्ष्म उद्यम (Micro-Enterprise) शुरू करने का भी प्रशिक्षण मिलेगा। यह ट्रेनिंग केवल बुनाई तक सीमित नहीं होगी, बल्कि महिलाओं को ‘मार्केट लिंकेज’ यानी अपने उत्पादों को बाजार में बेचने की रणनीति भी सिखाई जाएगी, जिससे वे सीधे ग्राहकों से जुड़ सकेंगी।
प्रशासन और विशेषज्ञों की जुगलबंदी से मिलेगी सफलता
परियोजना की सफलता के लिए जिला प्रशासन और विशेषज्ञों की एक सशक्त टीम तैयार की गई है। धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह ठाकुर के नेतृत्व में स्थानीय समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि योजना का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच सके। NIT रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव के मार्गदर्शन में इस प्रोजेक्ट को ‘समावेशी नवाचार’ का एक बड़ा मॉडल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ की दिशा में मील का पत्थर बताया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना धमतरी की महिलाओं को नई पहचान और स्थायी आजीविका प्रदान करेगी।