झारखंड ACB ने फरार आरोपी को दबोचा, छत्तीसगढ़-झारखंड शराब सिंडिकेट की परतें खुलने की उम्मीद
छत्तीसगढ़ और झारखंड से जुड़े बहुचर्चित शराब घोटाले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। शराब कारोबारी और छत्तीसगढ़ डिस्टलरी के संचालक नवीन केडिया को झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे केडिया पर अधिकारियों और सिंडिकेट को करीब 244 करोड़ रुपये का कमीशन देने का गंभीर आरोप है।
रायपुर। शराब घोटाले की जांच में अहम मोड़ पर पहुंचते हुए झारखंड एसीबी ने छत्तीसगढ़ के बड़े शराब कारोबारी नवीन केडिया को गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। नवीन केडिया छत्तीसगढ़ डिस्टलरी का संचालक है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। एसीबी ने पहले ही उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर रखा था।

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर गोवा से रांची लाने की तैयारी में जुटी है। रांची पहुंचने के बाद उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, जिससे शराब घोटाले से जुड़े नेटवर्क, अधिकारियों की भूमिका और करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े अहम खुलासे होने की संभावना है।
जांच एजेंसी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में सामने आए शराब घोटाले में भी नवीन केडिया की अहम भूमिका रही है। आरोप है कि उसने शराब सप्लाई के बदले सिंडिकेट और अधिकारियों को लगभग 243.72 करोड़ रुपये का कमीशन दिया। यह पूरा मामला उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मई 2022 में लागू की गई नई उत्पाद नीति के दौरान छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारियों और प्लेसमेंट एजेंसियों को झारखंड में काम दिलाया गया। इसके बदले में मोटी कमीशन राशि वसूली गई और शराब कारोबार से जुड़े ठेके इन्हीं एजेंसियों और कारोबारियों को सौंपे गए।
नवीन केडिया को पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे का करीबी भी माना जाता है। एसीबी का मानना है कि पूछताछ के दौरान शराब घोटाले की पूरी चेन, राजनीतिक-प्रशासनिक गठजोड़ और पैसों के ट्रेल से जुड़े कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं।
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2025 के बाद यह इस मामले में छठी गिरफ्तारी है। इससे पहले एसीबी ने अहमदाबाद से प्लेसमेंट एजेंसी से जुड़े तीन आरोपियों, बिलासपुर से शराब कारोबारी राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल और ठाणे से एजेंसी निदेशक जगन तुकाराम देसाई को गिरफ्तार किया था।
नवीन केडिया की गिरफ्तारी के बाद अब एसीबी की जांच और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। जांच एजेंसी का दावा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले में कई और बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं।