LLC-GZCO में खपाया गया सौरभ चंद्राकर का पैसा, बेटिंग ऐप में रिग्ड गेम्स से पहले से तय होती थी हार
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत ED ने महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर समेत कई आरोपियों की करीब 92 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से सीज कर दिया है। जांच में अवैध सट्टेबाजी, हवाला नेटवर्क और विदेशी कंपनियों के जरिए पैसे को ठिकाने लगाने का खुलासा हुआ है।
रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने शिकंजा कसते हुए 92 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को अटैच किया है। यह कार्रवाई PMLA के तहत की गई है, जिसे जांच एजेंसी बेहद अहम मान रही है।
ED के अनुसार, 74.28 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट दुबई स्थित कंपनियों परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट LLC और एक्सिम जनरल ट्रेडिंग–GZCO के नाम पर पाए गए। जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों का सीधा संबंध महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपरिया से है।
इसके अलावा, 17.5 करोड़ रुपये की संपत्ति दुबई के कथित हवाला ऑपरेटर गगन गुप्ता और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Skyexchange.com से जुड़ी बताई जा रही है। ED का दावा है कि इन्हीं माध्यमों से अवैध कमाई को विदेशों में खपाया गया।
दुबई में बैठे हैं मास्टरमाइंड
जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने प्रमोट किया था। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और वर्तमान में UAE (दुबई) में रह रहे हैं। भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटी है।
रिग्ड गेम्स से लूटे गए ग्राहक
ED की जांच में खुलासा हुआ है कि Mahadev ऐप और Skyexchange.com के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जा रही थी। इन प्लेटफॉर्म्स पर कई ऐसे रिग्ड गेम्स मौजूद थे, जिनमें हार-जीत पहले से तय रहती थी और ग्राहक को जानबूझकर नुकसान उठाना पड़ता था।
हवाला और क्रिप्टो से विदेश पहुंचा पैसा
जांच में यह भी सामने आया है कि सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को हवाला नेटवर्क, ट्रेड-बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग और क्रिप्टो एसेट्स के जरिए विदेश भेजा गया। बाद में इसी धन को FPI (Foreign Portfolio Investment) के रूप में भारतीय शेयर बाजार में निवेश कर सफेद किया गया।
महादेव सट्टा केस में लगातार हो रही कार्रवाइयों के बाद ED का दावा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई हो सकती है।