सस्पेंस में बाजार: डोनाल्ड ट्रंप के ‘500% टैरिफ’ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आज, सांसें थामे बैठे निवेशक
मुंबई(ए): भारतीय शेयर बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। शुक्रवार को बाजार खुलते ही कोहराम मच गया और सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में खुले, लेकिन कुछ ही मिनटों में बुल्स (Bull) ने कमान संभाली और बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। बीएसई (BSE) सेंसेक्स शुरुआती झटके से उबरते हुए 176 अंक उछलकर 84,357 के स्तर पर पहुँच गया है। वहीं, निफ्टी ने भी 46 अंकों की बढ़त के साथ 25,923 का आंकड़ा पार कर लिया है। बाजार में यह हलचल ऐसे समय में हो रही है जब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं, जो भारत पर लगने वाले भारी-भरकम टैरिफ पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाला है।
ट्रंप के ‘टैरिफ वार’ से दहला दलाल स्ट्रीट, फैसले का काउंटडाउन शुरू
बाजार में मचे इस घमासान की असली वजह डोनाल्ड ट्रंप का वो नया फरमान है, जिसमें उन्होंने भारत पर 500 परसेंट टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इस वक्त की बड़ी अपडेट यह है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट आज इस पर अपना रुख साफ करेगा। अगर फैसला भारत के खिलाफ गया, तो भारतीय निर्यात और आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आ सकती है। निवेशक इसी डर के कारण ‘अलर्ट मोड’ पर हैं और किसी भी बड़े सौदे से पहले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि आज का दिन भारतीय अर्थव्यवस्था की भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
ग्लोबल मार्केट में खलबली, डॉलर की मजबूती ने बढ़ाई टेंशन
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 98.93 पर ट्रेड कर रहा है, जिसके कारण भारतीय रुपया कमजोर होकर रिकॉर्ड 90.03 के स्तर पर पहुँच गया है। विदेशी बाजारों से मिल रहे संकेत भी मिले-जुले हैं; जहाँ जापान का निक्केई बाजार बढ़त पर है, वहीं दक्षिण कोरिया के कोस्पी में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही, आज शाम को आने वाले अमेरिकी बेरोजगारी डेटा और चीन के महंगाई आंकड़ों ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। ग्लोबल मार्केट में मची इस उठापटक का सीधा असर आज भारतीय निवेशकों की जेब पर पड़ रहा है।
निवेशकों के लिए हाई अलर्ट: अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण
घरेलू स्तर पर भी निवेशकों के लिए चुनौतियां कम नहीं हैं। बैंक लोन ग्रोथ और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े आने वाले हैं, जो बाजार की अगली चाल तय करेंगे। फिलहाल स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में गिरावट देखी जा रही है, जिसका मतलब है कि छोटे निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है। इसलिए निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे बिना स्टॉप-लॉस के कोई भी ट्रेडिंग न करें और हाई-रिस्क वाले शेयरों से फिलहाल दूरी बनाए रखें।