रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ, तेल कंपनियों ने जारी की नई दरें
रायपुर (ए) : नए साल की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार पड़ी है। तेल कंपनियों ने घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के LPG सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। साल के पहले महीने में हुई इस वृद्धि ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से गैस की कीमतें स्थिर बनी हुई थीं, लेकिन इस अचानक बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अब बढ़ी हुई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव बना बढ़ोतरी का कारण तेल कंपनियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, घरेलू गैस की कीमतों में हुए इस इजाफे के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां जिम्मेदार हैं। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर में आए बदलाव का सीधा असर एलपीजी की लागत पर पड़ा है। कंपनियों का तर्क है कि लागत में हुई वृद्धि के कारण घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में मामूली संशोधन करना आवश्यक हो गया था, जिसके बाद यह 11 रुपए की वृद्धि की गई है।
शहरों के हिसाब से दरों में भिन्नता और सब्सिडी का गणित घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में वहां लगने वाले स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत के आधार पर अलग-अलग होते हैं। रायपुर के साथ-साथ दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों में भी नई कीमतें लागू कर दी गई हैं। वहीं, सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि उनके खाते में तय सब्सिडी राशि बाद में ट्रांसफर की जाएगी, लेकिन फिलहाल उन्हें सिलेंडर लेते समय पूरी बढ़ी हुई कीमत ही चुकानी होगी। बिना सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं को इस मूल्य वृद्धि का सीधा और पूरा बोझ उठाना पड़ेगा।
वाणिज्यिक सिलेंडर के बाद अब घरेलू गैस पर असर बता दें कि तेल कंपनियों ने इस महीने की शुरुआत में पहले ही वाणिज्यिक (Commercial) गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए थे, जिसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि घरेलू गैस के दाम भी बढ़ सकते हैं। उपभोक्ता लंबे समय से राहत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन नए साल के दूसरे हफ्ते में हुई इस बढ़ोतरी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। गृहणियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच 11 रुपए की यह बढ़ोतरी भी मासिक बजट को असंतुलित करने के लिए पर्याप्त है।