गलत खान-पान ने 40% भारतीयों को बनाया फैटी लिवर का शिकार; पेट की गंदगी साफ करने और अंगों को नया जीवन देने का जानें असरदार तरीका
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रोसेस्ड फूड की लत ने हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग ‘लिवर’ को खतरे में डाल दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, फैटी लिवर अब केवल शराब पीने वालों की बीमारी नहीं रही, बल्कि शुगर और मैदे के अधिक सेवन से यह बच्चों और युवाओं में भी तेजी से फैल रही है। सबसे डरावनी बात यह है कि लिवर खराब होने का पता तब चलता है जब वह 70% तक डैमेज हो चुका होता है। अगर आप अक्सर थकान महसूस करते हैं या आपके पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन रहता है, तो समझ लीजिए कि आपके शरीर का यह ‘फिल्टर’ खतरे में है और इसे तुरंत सर्विसिंग की जरूरत है।
पेट का भारीपन और गैस हैं खतरे की पहली घंटी
हमारे शरीर की 90% बीमारियों की जड़ पेट और आंतों की गंदगी होती है। जब हम फाइबर रहित भोजन करते हैं, तो वह आंतों की दीवारों पर चिपक जाता है और सड़ने लगता है। यही गंदगी बाद में लिवर में फैट के रूप में जमा होने लगती है जिसे ‘नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर’ कहा जाता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप अपने दिन की शुरुआत तांबे के बर्तन में रखे पानी या त्रिफला के गुनगुने पानी से करें। यह मिश्रण आंतों में जमा पुराने मल को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे लिवर पर दबाव कम होता है और शरीर की नेचुरल डिटॉक्स प्रक्रिया तेज हो जाती है।
लिवर को रीबूट करने वाले नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक्स
किचन में मौजूद कुछ मसाले लिवर के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। शोध बताते हैं कि काली मिर्च के साथ हल्दी का सेवन करने से लिवर की कोशिकाओं की सूजन तेजी से कम होती है। इसके अलावा, चुकंदर और गाजर का जूस पीने से शरीर में ‘ग्लूटाथियोन’ का स्तर बढ़ता है, जो लिवर को जहरीले तत्वों से मुक्त करने वाला मास्टर एंटीऑक्सीडेंट है। सप्ताह में कम से कम एक बार अनाज का त्याग कर केवल फलों और उबली हुई सब्जियों पर रहना लिवर को आराम देने का सबसे अच्छा तरीका है। जब लिवर साफ रहता है, तो मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और वजन घटाना भी आसान हो जाता है।
किडनी और आंतों की सेहत के लिए हाइड्रेशन का महत्व
सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि सही तरीके से पानी पीना भी अंगों की उम्र बढ़ाता है। बहुत से लोग खड़े होकर या जल्दबाजी में पानी पीते हैं, जिससे किडनी पर सीधा दबाव पड़ता है और शरीर से टॉक्सिन्स पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते। हमेशा बैठकर और घूंट-घूंट करके पानी पीने से किडनी खून को बेहतर तरीके से फिल्टर कर पाती है। साथ ही, नारियल पानी और नींबू पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन आंतों की नमी बरकरार रखता है। यह नमी कब्ज जैसी समस्याओं को दूर रखती है, जिससे शरीर में यूरिक एसिड का स्तर सामान्य रहता है और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं पैदा नहीं होतीं।
सुपरफूड्स जो अंगों को बनाएंगे फौलादी
अपनी डाइट में मूली, लहसुन और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना अंगों की लंबी उम्र की गारंटी है। लहसुन में मौजूद ‘एलिसिन’ लिवर को साफ करने वाले एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जबकि मूली किडनी की पथरी और इन्फेक्शन को रोकने में मददगार होती है। इसके साथ ही, रोजाना कम से कम 20 मिनट की तेज सैर (Brisk Walking) आपके अंगों में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाती है। जब अंगों को भरपूर ऑक्सीजन और सही पोषण मिलता है, तो वे खुद को हील करने लगते हैं। याद रखें, अंगों की सेहत ही आपकी असली संपत्ति है, जिसकी देखभाल की जिम्मेदारी सिर्फ आपकी है।