नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जंग शुरू, मुख्यमंत्री ने बस्तर के कायाकल्प के लिए बनाया 3 साल का मास्टर प्लान
रायपुर (ए) : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए एक बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेला है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि अब बस्तर में शांति बहाली के साथ-साथ विकास की रफ्तार को दोगुना किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अगले तीन वर्षों के भीतर बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया है ताकि इस अंचल को मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ा जा सके।
सुरक्षा और संवाद से मिलेगी नक्सलवाद को मात
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद का अंत अब अपने निर्णायक चरण में पहुँच चुका है। साय ने जोर देकर कहा कि केवल बल प्रयोग ही नहीं बल्कि स्थानीय जनता के साथ सतत संवाद और उनका विश्वास जीतना ही इस समस्या का असली समाधान है। उन्होंने सचिवों को निर्देश दिया कि वे स्वयं बस्तर के संवेदनशील इलाकों का दौरा करें और जमीनी स्तर पर योजनाओं की प्रगति की निगरानी करें ताकि शासन का भरोसा जनता के बीच मजबूत हो सके।
डिजिटल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा बनेगा ढाल
सरकार का मुख्य फोकस बस्तर के उन दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचना है जो अब तक विकास की पहुँच से दूर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मोबाइल टावरों की स्थापना में तेजी लाने और फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी है। साथ ही शेष बचे गांवों में तत्काल बिजली पहुँचाने और शत-प्रतिशत आधार कार्ड कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि डिजिटल इंडिया का लाभ बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ मिले।
पर्यटन और रोजगार से बदलेगी बस्तर की पहचान
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ठप्पे को हटाकर अब बस्तर को वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है। सीएम साय ने बस्तर टूरिज्म कॉरिडोर और होम-स्टे जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर विशेष बल दिया है। आईआईटीटीएम ग्वालियर से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की मदद से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजा जाएगा जिससे युवाओं के हाथों में हथियार के बजाय रोजगार होगा और बस्तर की एक नई सकारात्मक छवि पूरी दुनिया के सामने उभरकर सामने आएगी।
डबल इंजन सरकार की डबल रफ्तार से होगा विकास
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से बस्तर की तस्वीर बदलने का संकल्प दोहराया है। वनधन केंद्रों और लघु वनोपज प्रसंस्करण के जरिए आदिवासियों की आर्थिक स्थिति को सुधारा जाएगा और पीएमश्री स्कूलों के माध्यम से नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा दी जाएगी। शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि विशेष केंद्रीय सहायता के लिए ठोस प्रस्ताव जल्द तैयार किए जाएंगे जिससे बस्तर अंचल विकास की नई ऊंचाइयों को छू सके।