23 जनवरी से पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यसभा उपसभापति हरिवंश करेंगे शुभारंभ, ‘चाणक्य’ नाटक होगा विशेष आकर्षण
रायपुर (ए): छत्तीसगढ़ की बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने के लिए ‘रायपुर साहित्य उत्सव-2026’ का शंखनाद होने जा रहा है। 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय उत्सव साहित्य, विचार और कला का संगम बनेगा। इस महोत्सव में देशभर के 120 से अधिक ख्याति प्राप्त साहित्यकार, विचारक और फिल्मी हस्तियां शामिल होकर विभिन्न समसामयिक विषयों पर मंथन करेंगी।
120 साहित्यकार और 42 वैचारिक सत्र
महोत्सव के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान, सिनेमा, समाज और डिजिटल युग में लेखन की चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विमर्श होगा। मुख्य मंडप का नाम छत्तीसगढ़ के इकलौते ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता स्व. विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर रखा गया है, जबकि अन्य मंडपों के नाम पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव के नाम पर रखे गए हैं।
मनोज जोशी का ‘चाणक्य’ और नामचीन हस्तियों का जमावड़ा
इस उत्सव का मुख्य आकर्षण प्रख्यात अभिनेता मनोज जोशी द्वारा अभिनीत ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन होगा। इसके अलावा, महाभारत फेम नीतीश भारद्वाज (श्रीकृष्ण) और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अनुराग बसु भी सत्रों में हिस्सा लेंगे। 24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में एक विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा, जो काव्य प्रेमियों के लिए खास होगा।
विशाल पुस्तक मेला और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
साहित्य प्रेमियों के लिए यहाँ एक वृहद पुस्तक मेला लगाया जा रहा है, जिसमें देश के 15 बड़े प्रकाशक शामिल होंगे। स्थानीय युवाओं के लिए ‘टैलेंट ज़ोन’ बनाया गया है जहाँ वे काव्य और कहानी पाठ कर सकेंगे। साथ ही, आगंतुकों के लिए 15 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहाँ छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा।
आम जनता के लिए निःशुल्क बस सेवा और पुख्ता इंतजाम
प्रशासन ने शहरवासियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध और तेलीबांधा समेत छह प्रमुख मार्गों से 20 निःशुल्क बसों के संचालन का निर्णय लिया है। आयोजन को सफल बनाने के लिए 500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पुरखौती मुक्तांगन में मंच, पंडाल और साज-सज्जा का काम अंतिम चरण में है, जिसे 21 जनवरी तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।