मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में हुआ ऐतिहासिक समझौता, 300 बिस्तरों वाला सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल बदलेगा छत्तीसगढ़ की तस्वीर
रायपुर (ए) : छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर को देश के एक प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में मंत्रालय महानदी भवन में नवा रायपुर विकास प्राधिकरण और देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के बीच 15 एकड़ भूमि के लीज समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे बड़े संस्थान का आगमन राज्य की नीतिगत स्थिरता और निवेशक-अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
चार माह के भीतर प्रक्रिया पूरी कर बनाया नया रिकॉर्ड
इस परियोजना की सबसे खास बात इसकी प्रशासनिक गति रही है जिसने निवेश के क्षेत्र में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। राज्य सरकार द्वारा निवेश के लिए आमंत्रण 24 सितंबर 2025 को जारी किया गया था और महज चार माह के भीतर भूमि का चिन्हांकन, सभी आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। यह त्वरित कार्यप्रणाली छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है। इससे निवेशकों के बीच यह संदेश गया है कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में काम करने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध और सक्रिय है।
विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं अब छत्तीसगढ़ के भीतर
नवा रायपुर में स्थापित होने वाला यह अस्पताल बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी केंद्र होगा। लगभग 680 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाले इस 300 बिस्तरों के अस्पताल में कार्डियक साइंसेज, कैंसर का सटीक उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी जटिल और उन्नत चिकित्सा सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इस अस्पताल के शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ और इसके पड़ोसी राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई, दिल्ली या हैदराबाद जैसे महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे जिससे उनके समय और धन दोनों की बड़ी बचत होगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा
यह स्वास्थ्य परियोजना न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांति लाएगी बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी। अनुमान है कि इस अस्पताल के माध्यम से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे जिनमें विशेषज्ञ डॉक्टर, सर्जन, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त हेल्थकेयर सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और सहयोगी सेवाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी। नवा रायपुर अब न केवल प्रशासनिक केंद्र रहेगा बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए एक भरोसेमंद हेल्थकेयर हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।