- लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय रुचि
- 5.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड वाले एप्स का होगा एकीकरण
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रामक सूचनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने नया डिजिटल एप ‘ईसीआईनेट’ लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म सभी चुनाव-संबंधी सेवाओं को एकीकृत करते हुए मतदाताओं और प्रशासन के लिए एकल डिजिटल समाधान उपलब्ध कराएगा।
नई दिल्ली (ए)। निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सुगम और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नया डिजिटल एप ‘ईसीआईनेट’ लॉन्च किया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने इसे भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से निपटने का प्रभावी हथियार बताया।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि ईसीआईनेट के माध्यम से चुनाव आयोग की 40 से अधिक मौजूदा मोबाइल और वेब एप्लिकेशन को एक ही मंच पर एकीकृत किया जाएगा। इससे सभी चुनाव-संबंधी गतिविधियों के लिए एक सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा, जिससे मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों और अन्य हितधारकों को सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत मंडपम में आयोजित लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कई देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों ने भ्रामक सूचनाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। ऐसे में ईसीआईनेट गलत सूचनाओं की चुनौती से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी समाधान के रूप में सामने आया है। आयोग ने सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों को इसी तरह का प्लेटफॉर्म विकसित करने में सहयोग की पेशकश भी की है।
ईसीआईनेट में वोटर हेल्पलाइन एप, वोटर टर्नआउट एप, सी-विजिल, सुविधा, सक्षम और केवाईसी एप जैसे लोकप्रिय एप्स को शामिल किया जाएगा। इन एप्स के अब तक कुल 5.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं और इनके माध्यम से 150 करोड़ से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।
सीईसी ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी उत्साह देखने को मिला है। आयोग अन्य देशों की चुनाव प्रबंधन आवश्यकताओं के अनुरूप ईसीआईनेट को डिजाइन कर उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रहा है।
निर्वाचन आयोग का यह नया कदम डिजिटल तकनीक के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक सशक्त, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।