- अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, बारामती की सड़कों पर जाम
- अमित शाह, नितिन गडकरी सहित कई दिग्गज नेता अंतिम संस्कार में शामिल
- प्लेन क्रैश में डिप्टी सीएम समेत 5 लोगों की मौत, राज्य में 3 दिन का शोक
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन से प्रदेश शोक में डूबा है। उनका पार्थिव शरीर बुधवार को विद्या प्रतिष्ठान परिसर पहुंचा, जहां कुछ ही देर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे बारामती क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल रहा।
बारामती। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का पार्थिव शरीर बुधवार को विद्या प्रतिष्ठान परिसर लाया गया। यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। अंतिम संस्कार में शामिल होने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश समेत कई वरिष्ठ नेता बारामती पहुंचे। राजनीतिक दलों से परे, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अजित पवार की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। समर्थक पैदल, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों से अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे, जिससे बारामती की प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। बुधवार सुबह उनके पार्थिव शरीर को बारामती के काटेवाड़ी स्थित उनके आवास लाया गया था, जहां परिवारजनों, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने अंतिम दर्शन किए।
उल्लेखनीय है कि बुधवार सुबह करीब 8.45 बजे अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हुई, जिनमें उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य शामिल हैं। अजित पवार की उम्र 66 वर्ष थी। बताया गया है कि वे आगामी 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के मद्देनज़र चार रैलियों को संबोधित करने वाले थे। उनके आकस्मिक निधन से राज्य की राजनीति को गहरा आघात पहुंचा है। अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सरकारी भवनों पर झंडे आधे झुके रहेंगे और सभी आधिकारिक कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।