तेलीबांधा तालाब के पाथवे को पार्किंग घोषित करने पर नाराजगी चार पहिया और दोपहिया वाहनों पर तय हुआ शुल्क
रायपुर(ए) : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम के एक नए फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया है। शहर के प्रमुख सैरगाह तेलीबांधा तालाब यानी मरीन ड्राइव के पाथवे क्षेत्र को पार्किंग स्थल घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद यहां मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने वाले लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नागरिकों का कहना है कि पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ को पार्किंग में तब्दील करना पूरी तरह अनुचित और जनविरोधी निर्णय है।
नगर निगम द्वारा मरीन ड्राइव के पाथवे क्षेत्र में पार्किंग शुल्क भी तय कर दिया गया है। नए नियमों के तहत चार पहिया वाहनों के लिए 4 घंटे का शुल्क 20 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 12 घंटे का शुल्क 10 रुपये निर्धारित किया गया है। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। तेलीबांधा तालाब परिसर में निगम के फैसले के खिलाफ बैनर लगाए गए हैं और इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की जा रही है।
मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने वाले श्यामलाल साहू, विनीत सहित अन्य नागरिकों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्या निगम के अधिकारी इतने गैर-जिम्मेदार हो गए हैं कि पैदल चलने के लिए बने फुटपाथ पर वाहन खड़े कराकर शुल्क वसूला जाएगा। लोगों का आरोप है कि इससे पहले भी नगर निगम द्वारा ऐसा ही फैसला लिया गया था, जिसे जनविरोध के चलते वापस लेना पड़ा था। अब एक बार फिर वही गलती दोहराई जा रही है।
नागरिकों ने यह आशंका भी जताई है कि अगर यही स्थिति रही, तो आने वाले समय में मॉर्निंग वॉक और ईवनिंग वॉक करने वालों से भी शुल्क वसूला जा सकता है। उनका कहना है कि मरीन ड्राइव आम लोगों की सेहत और सुकून से जुड़ा हुआ स्थान है, न कि कमाई का जरिया।
इस पूरे मामले में जब नगर निगम आयुक्त विश्वदीप से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले की कोई जानकारी नहीं है। आयुक्त के इस बयान के बाद नगर निगम के भीतर आपसी समन्वय और निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि बढ़ते विरोध के बीच नगर निगम इस फैसले पर क्या रुख अपनाता है।