MCX और सर्राफा बाजार में प्रॉफिट बुकिंग और मार्जिन बढ़ने के कारण गिरावट, निवेशकों में चिंता
नई दिल्ली (ए): भारतीय कमोडिटी बाजार के लिए शुक्रवार का दिन बेहद हलचल भरा रहा, जहां गोल्ड और सिल्वर मार्केट में एक ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में 1.10 लाख रुपए की भारी कटौती देखी गई, जिसके बाद यह 2.91 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर आ गई। इसी तरह, सोने की कीमतों में भी 20 हजार रुपए की बड़ी गिरावट आई और यह 1.49 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर सिमट गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस अचानक आए क्रैश के पीछे बड़े पैमाने पर होने वाली प्रॉफिट बुकिंग, हाजिर बाजार में फिजिकल डिमांड की कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्जिन दरों में की गई बढ़ोतरी सबसे प्रमुख कारण रहे हैं।
क्रैश के मुख्य कारण और बाजार का दबाव
पिछले कुछ हफ्तों से सोने और चांदी की कीमतें लगातार अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर को छू रही थीं, जिससे बाजार में एक ओवरबॉट (जरूरत से ज्यादा खरीदारी) की स्थिति बन गई थी। जब कीमतें अपने चरम पर पहुंचीं, तो बड़े संस्थागत निवेशकों और ट्रेडर्स ने ऊंचे भाव पर मुनाफा वसूलना (प्रॉफिट बुकिंग) शुरू कर दिया। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, विशेषकर चांदी के औद्योगिक उपयोग में कमी आने की आशंका ने कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाला। स्थानीय बाजारों में भी ऊंची कीमतों के कारण ग्राहकों ने सोने-चांदी की खरीदारी से दूरी बना ली थी, जिससे फिजिकल डिमांड काफी कमजोर हो गई और कीमतों को नीचे आना पड़ा।
मार्जिन बढ़ने का गणित और ट्रेडर्स पर असर
सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के विश्लेषण के अनुसार, इस गिरावट के पीछे एक तकनीकी कारण शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) द्वारा मार्जिन दरों में किया गया बदलाव है। CME ने सोने पर लगने वाले मार्जिन को 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी पर मार्जिन को 11% से बढ़ाकर सीधा 15% कर दिया है। मार्जिन बढ़ने का सीधा मतलब यह है कि अब ट्रेडर्स को समान मात्रा में व्यापार करने के लिए बाजार में पहले से कहीं ज्यादा पैसा जमा करना पड़ रहा है। जो छोटे और मध्यम स्तर के निवेशक तत्काल अतिरिक्त फंड जुटाने में असमर्थ रहे, उन्हें मजबूरन अपनी पोजीशन काटनी पड़ी और अपने सोने-चांदी के सौदे बेचने पड़े, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और कीमतें तेजी से नीचे गिर गईं।
सर्राफा बाजार की वर्तमान स्थिति
हाजिर या सर्राफा बाजार में भी इस गिरावट का असर साफ देखा गया, हालांकि वायदा बाजार के मुकाबले यहां कमी थोड़ी कम रही। सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 40,638 रुपए कम हुई, जबकि सोना 9,545 रुपए प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ। ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक किलो चांदी अब 3,39,350 रुपए पर मिल रही है और 24 कैरेट वाला शुद्ध सोना 1,65,795 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर उपलब्ध है। वायदा बाजार (MCX) और सर्राफा बाजार की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण समय है; सर्राफा बाजार शाम 5 बजे तक ही सक्रिय रहता है, जबकि वायदा बाजार देर रात तक चलता है, जिससे वहां होने वाले उतार-चढ़ाव का पूर्ण असर अगले दिन हाजिर बाजार में दिखाई देता है।
निवेशकों और खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
बाजार में आई इस भारी अस्थिरता के बीच आम खरीदारों और निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि आप निवेश के उद्देश्य से या शादी-ब्याह के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के ‘हॉलमार्क’ वाले सर्टिफाइड गोल्ड का ही चुनाव करें। खरीदारी से पहले अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से कीमतों की पुष्टि जरूर कर लें। वहीं, चांदी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कुछ घरेलू टेस्ट जैसे मैग्नेट टेस्ट (असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती), आइस टेस्ट (चांदी पर बर्फ तेजी से पिघलती है), स्मेल टेस्ट और कपड़े से रगड़कर होने वाला क्लॉथ टेस्ट अपनाए जा सकते हैं। ऐसी भारी गिरावट के समय किस्तों में खरीदारी करना (SIP मोड) एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।