सुकमा के कोंटा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बंडा का मामला, जांच में वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद बर्खास्तगी और चेतावनी की कार्रवाई
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सामने आई वित्तीय अनियमितता के मामले में सुकमा जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में गड़बड़ी के प्रमाण मिलने के बाद ग्राम पंचायत बंडा के तत्कालीन सचिव सहित कई जिम्मेदार पदों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।
रायपुर। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सुकमा जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत विकासखंड कोंटा की ग्राम पंचायत बंडा में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
मामले में प्राप्त शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने कलेक्टर के निर्देश पर जांच दल गठित कर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई। जांच में शासकीय राशि के उपयोग में अनियमितता के तथ्य सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के तहत ग्राम पंचायत बंडा के तत्कालीन सचिव कृष्ण प्रकाश सिंह (निलंबित सचिव) को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं वर्तमान सचिव गरिमा नाग और जी. लक्ष्मी को कार्य में लापरवाही न बरतने के निर्देश देते हुए अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया गया है।
इसके अलावा ग्राम पंचायत के आवास मित्र, रोजगार सहायक तथा जनपद पंचायत कोंटा के आवास ऑपरेटर को भी पद से हटाते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। साथ ही जनपद पंचायत कोंटा के ब्लॉक समन्वयक (आवास) को कलेक्टर की ओर से अंतिम चेतावनी जारी करते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई से पहले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया था। उपलब्ध तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह निर्णय लिया गया है।
प्रशासन ने दोहराया है कि शासकीय योजनाओं में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या राशि के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।