कैबिनेट विस्तार पर साधा निशाना—‘रुठों को मनाने की कवायद’; समाजवादी पेंशन दोबारा शुरू करने का वादा, ‘धुरंधर’ विवाद पर भी बोले
लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक ओर जहां महिलाओं के लिए बड़ा आर्थिक वादा किया, वहीं दूसरी ओर योगी सरकार पर तीखे हमले बोले। उन्होंने कैबिनेट विस्तार को राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश बताया और भाजपा पर फिल्मों के जरिए विपक्ष को बदनाम करने का आरोप लगाया।
लखनऊ (ए)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम घोषणाएं करते हुए प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो प्रदेश की महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही समाजवादी पेंशन योजना को भी फिर से लागू किया जाएगा।
योगी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश ने कहा कि यह फैसला नवरात्रि के दौरान लिया जा रहा है, जो दरअसल नाराज नेताओं को साधने की कवायद है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट खत्म होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार का कोई औचित्य नहीं रह जाता, और विभागों में जल्दबाजी में खर्च दिखाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ विभागों में भारी भरकम टेंडर पास किए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इन योजनाओं का लाभ वास्तव में किसे मिला।
फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर उठे विवाद पर भी अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल अब फिल्मों के जरिए विपक्षी दलों की छवि खराब करने की रणनीति अपना रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में रिलीज हुई इस फिल्म में एक ऐसा किरदार दिखाया गया है, जिसे विपक्षी दल वास्तविक जीवन के एक चर्चित माफिया से जोड़कर देख रहे हैं और इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा करार दे रहे हैं।
इस दौरान अखिलेश यादव ने ‘मूर्ति देवी-मालती देवी महिला सम्मान समारोह’ में भाग लिया और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव भी मौजूद रहीं।