US ट्रेजरी का फैसला—11 अप्रैल के बाद कोई छूट नहीं; ईरानी तेल पर भी रोक, वैश्विक सप्लाई पर असर संभव
अमेरिका ने रूस और ईरान से तेल खरीद पर दी जा रही अस्थायी छूट खत्म करने का फैसला किया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि जनरल लाइसेंस अब रिन्यू नहीं किया जाएगा, जिससे भारत समेत कई देशों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली (ए)। अमेरिका ने रूस और ईरान से कच्चे तेल की खरीद पर दी जा रही अस्थायी राहत समाप्त कर सख्त रुख अपना लिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ऐलान किया है कि जनरल लाइसेंस को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, जिससे भारत समेत कई देशों के लिए तेल आयात की स्थिति बदल सकती है।
व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग में बेसेंट ने कहा कि यह छूट केवल उन तेल खेपों के लिए थी जो 11 मार्च से पहले समुद्र में थीं और जिनका उपयोग अब पूरा हो चुका है। ऐसे में 11 अप्रैल के बाद किसी भी देश को यह राहत नहीं मिलेगी।
भारत को मिली थी 30 दिन की राहत
अमेरिका ने 5 मार्च को भारत को 30 दिनों की विशेष छूट दी थी। इस दौरान भारत ने यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर लगे प्रतिबंधों के बावजूद तेल खरीद जारी रखी। यह छूट अन्य कुछ देशों को भी दी गई थी, लेकिन इसकी समयसीमा 11 अप्रैल को समाप्त हो गई।
ईरानी तेल पर भी सख्ती
अमेरिका ने ईरान से तेल खरीद पर दी जा रही छूट को भी खत्म कर दिया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि वॉशिंगटन अब ऊर्जा बाजार में प्रतिबंधों को लेकर सख्ती बढ़ा रहा है।
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मिली थी छूट
मार्च में पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान-इजराइल टकराव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। कीमतों को काबू में रखने और सप्लाई बढ़ाने के लिए अमेरिका ने अस्थायी तौर पर यह छूट दी थी। हालांकि अब हालात बदलने के साथ ही इस राहत को वापस ले लिया गया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ गई है।