नए आयकर नियम लागू; सोलर सब्सिडी, ईवी प्रोत्साहन, वसीयत, पारिवारिक बंटवारा और सरकारी योजनाओं से मिली राशि भी रिटर्न में दर्ज करना अनिवार्य, जानकारी छिपाने पर कार्रवाई संभव
आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की प्रक्रिया इस वर्ष पहले से अधिक विस्तृत और पारदर्शी हो गई है। नए प्रावधानों के तहत करदाताओं को अब केवल अपनी आय ही नहीं, बल्कि करमुक्त प्राप्तियों और सरकारी सहायता का भी पूरा ब्योरा देना होगा। शादी में मिले उपहार, रिश्तेदारों से प्राप्त गिफ्ट, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहन पर मिली सब्सिडी, वसीयत, पारिवारिक बंटवारे से मिली संपत्ति और विभिन्न सरकारी योजनाओं से मिली राशि का उल्लेख भी रिटर्न में अनिवार्य कर दिया गया है।
आईटीआर भरने से पहले करें पूरी तैयारी, छोटी चूक भी पड़ सकती है भारी
रायपुर। आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब करदाताओं को अपनी आय के साथ-साथ उन सभी करमुक्त प्राप्तियों की भी जानकारी देनी होगी, जिनका अब तक रिटर्न में विस्तृत उल्लेख जरूरी नहीं था। विभाग का उद्देश्य बैंक खातों में जमा राशि के स्रोत का बेहतर मिलान करना और रिटर्न प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
अब इन जानकारियों का खुलासा भी जरूरी
नए नियमों के तहत शादी या पारिवारिक समारोह में मिले उपहार, रिश्तेदारों से प्राप्त गिफ्ट, वसीयत या संयुक्त हिंदू परिवार (एचयूएफ) के बंटवारे से मिली संपत्ति, कृषि भूमि की बिक्री, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहन पर मिली सब्सिडी तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता का विवरण भी आईटीआर में दर्ज करना होगा। इन पर कर छूट पहले की तरह लागू रहेगी, लेकिन जानकारी देना अनिवार्य होगा।
बैंक स्टेटमेंट का मिलान करें
वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं टैक्स बार ट्रिब्यूनल के सदस्य चेतन तारवानी के अनुसार, रिटर्न भरने से पहले बैंक स्टेटमेंट की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए। यदि खाते में किसी सरकारी योजना, सब्सिडी या अनुदान की राशि जमा हुई है तो उसका उल्लेख रिटर्न में अवश्य करें। इससे भविष्य में आयकर विभाग की ओर से स्पष्टीकरण मांगने की संभावना कम होगी।
प्रदेश में 16 लाख करदाता, 65 फीसदी ने भरा रिटर्न
सीए एसोसिएशन के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग 16 लाख व्यक्ति, संस्थाएं और कंपनियां आयकर रिटर्न दाखिल करती हैं। अब तक करीब 65 प्रतिशत करदाता रिटर्न जमा कर चुके हैं। अंतिम तिथि तक यह आंकड़ा 90 से 95 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। अधिकांश रिटर्न नौकरीपेशा लोगों की ओर से दाखिल किए गए हैं।
31 जुलाई अंतिम तिथि, देरी पर लगेगा जुर्माना
आयकर विभाग ने आईटीआर-1 (सहज), आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-4 (सुगम), आईटीआर-5 और आईटीआर-7 की एक्सेल यूटिलिटी पोर्टल पर उपलब्ध करा दी है। सामान्य करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित है। समयसीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234एफ के तहत पांच लाख रुपए तक की आय वालों पर 1,000 रुपए और इससे अधिक आय वालों पर 5,000 रुपए तक विलंब शुल्क देना होगा। बकाया कर होने पर अलग से ब्याज भी देना पड़ेगा।
रिटर्न भरने से पहले इन दस्तावेजों की करें जांच
बैंक स्टेटमेंट और पासबुक
फॉर्म-16, फॉर्म-26एएस
वार्षिक सूचना विवरण (AIS)
करदाता सूचना सारांश (TIS)
सोलर या ईवी खरीद के बिल
सरकारी सब्सिडी के स्वीकृति दस्तावेज
जमीन की रजिस्ट्री और बिक्री रिकॉर्ड
उपहार देने वाले का विवरण और विवाह संबंधी दस्तावेज
वसीयत या पारिवारिक बंटवारे के दस्तावेज
गलती हो जाए तो संशोधित रिटर्न का विकल्प
यदि रिटर्न दाखिल करने के बाद किसी आय, उपहार या सब्सिडी का उल्लेख छूट जाए तो करदाता निर्धारित समयसीमा के भीतर संशोधित (रिवाइज्ड) रिटर्न दाखिल कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विभाग के नोटिस का इंतजार करने के बजाय समय रहते त्रुटि सुधार लेना बेहतर विकल्प है।