एनडीए ने राहुल गांधी के धरने का किया विरोध, इंडिया ब्लॉक ने नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई; प्रियंका गांधी और एनडीए सांसदों के बीच सुरक्षा घेरा बना
संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को संसद भवन परिसर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया। एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसद एक-दूसरे के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी करते नजर आए। इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा विरोध दर्ज कराने के लिए एनडीए सांसदों के करीब पहुंच गईं, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने बीच में रोक लिया। संसद के भीतर भी लगातार हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
नई दिल्ली (ए)। संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन संसद भवन परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिला। एक ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित इंडिया ब्लॉक के सांसद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर एनडीए के सांसद भी जवाबी विरोध में नारेबाजी करते नजर आए।

नीट मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
इंडिया ब्लॉक के सांसद नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। विपक्ष ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी के धरने पर एनडीए का पलटवार
एनडीए सांसदों ने 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए धरने का विरोध करते हुए संसद परिसर में प्रदर्शन किया। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
प्रियंका गांधी को सुरक्षा कर्मियों ने रोका
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा नारे लगाते हुए एनडीए सांसदों के काफी करीब पहुंच गईं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल बीच में आकर सुरक्षा घेरा बनाया और दोनों पक्षों को अलग रखा, जिससे किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।
संसद के भीतर भी जारी रहा गतिरोध
बाहर विरोध-प्रदर्शन के साथ-साथ लोकसभा और राज्यसभा के भीतर भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। लगातार शोर-शराबे और व्यवधान के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। संसद में नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने के संकेत हैं।