रायपुर में कई इलाकों में जलभराव, गरियाबंद में 200 मिमी से ज्यादा बारिश; बस्तर में स्कूल बंद, दो ट्रेनें और जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट रद्द
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजधानी रायपुर समेत दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में रातभर हुई बारिश के बाद निचले इलाकों में पानी भर गया। गरियाबंद में 24 घंटे के दौरान 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। यहां हालात करीब एक दशक पहले आई बाढ़ जैसे बताए जा रहे हैं।

रायपुर के भाठागांव, सुंदर नगर, महादेवघाट रोड और विधानसभा क्षेत्र सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जगदलपुर के गंगा मुंडा सहित निचली बस्तियों में नालियां जाम होने के कारण सड़कों पर पानी भर गया। मां प्रसाद मुखर्जी वार्ड में नालियों का पानी कई घरों में घुसने की भी सूचना है।
बस्तर और सुकमा में बढ़ी परेशानी
दक्षिण छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सुकमा और बीजापुर के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। पानी भरने के कारण कुछ गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। इंद्रावती नदी के उफान को देखते हुए निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जगदलपुर-बीजापुर नेशनल हाईवे-63 पर केशलूर के पास सड़क पर बारिश का पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया। बढ़ते जलस्तर के बीच बेलाट नाला क्षेत्र में बच्चों के पानी में उतरने का मामला भी सामने आया है।
परीक्षाएं स्थगित, स्कूलों में अवकाश
भारी बारिश को देखते हुए बस्तर जिले में शुक्रवार को सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, गरियाबंद और कांकेर में भी बारिश के कारण आज से शुरू होने वाली तिमाही परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
रेल और हवाई सेवा पर भी असर
बारिश के कारण रायगढ़ मंडल के एमवीजी-सीटीएस स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन हुआ है। इसके चलते 25 सितंबर को किरंदुल-विशाखापट्टनम रूट की दो ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें 58502/58501 किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर तथा 18516/18515 किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस शामिल हैं।
खराब मौसम और बारिश के चलते जगदलपुर-हैदराबाद उड़ान भी रद्द कर दी गई है।
25 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने नदी-नालों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।