उत्तराखंड में भूस्खलन के बाद यात्रा और हेली सेवा रोकी गई, यूपी में 60 मौतें; बिहार के 17 जिलों में बाढ़ का असर
देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के चलते करीब 4 हजार श्रद्धालु फंस गए हैं। खराब मौसम के कारण यात्रा रोकने के साथ हेली सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश में 65 घंटे से जारी बारिश और तेज हवाओं के कारण दो दिन में 60 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि बिहार में कोसी और गंडक नदियों के उफान से कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
नई दिल्ली (ए)। देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश, तेज हवाओं, भूस्खलन और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक बारिश का असर दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हुआ है, जबकि निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन, यात्रा रोकी
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इसके कारण करीब 4 हजार श्रद्धालुओं के फंसे होने की जानकारी है। मलबा लगातार गिरने से मार्ग को खोलने में परेशानी आ रही है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए केदारनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई है। हेली सेवाएं भी फिलहाल बंद हैं। प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में रेड अलर्ट है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट है।
यूपी में 45 शहरों में लगातार बारिश
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत करीब 45 शहरों में 65 घंटे से बारिश का दौर जारी है। कई क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। प्रदेश के 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है।
लगातार बारिश और आंधी के कारण दो दिनों में 60 लोगों की मौत की सूचना है। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से आवागमन और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। किसानों की बड़ी मात्रा में फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
बिहार में कोसी-गंडक का जलस्तर बढ़ा
बिहार में चक्रवाती सिस्टम का प्रभाव कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश का दौर जारी है। राज्य में करीब 72 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार बारिश होने से कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
इससे 17 जिलों के करीब 6 हजार गांवों में बाढ़ जैसे हालात बताए जा रहे हैं। करीब 500 घर पानी से घिर गए हैं। सुपौल जिले के करीब 50 गांवों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
हिमाचल में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। पूह के कुन्नू और छितकुल क्षेत्र में बर्फ की चादर नजर आई। उत्तराखंड के उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्र नेलांग-जादुंग में भी भारी बर्फबारी की सूचना है।
ओडिशा और यूपी में भी जलभराव
ओडिशा के बालेश्वर जिले में भारी बारिश के बाद कई इलाके प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी के बढ़े जलस्तर के कारण घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं।