रायपुर-दुर्ग समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार, महादेवघाट पुल से दो दिन बाद शुरू हुआ आवागमन
छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता अब भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 12 जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव सहित विभिन्न क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। इधर, बारिश थमने और जलस्तर घटने के बाद रायपुर के महादेवघाट पुल से आवागमन बहाल हो गया है।
रायपुर। प्रदेश में पिछले दिनों हुई लगातार बारिश के बाद अब मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान अचानक तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है।
इसके अलावा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान बिजली चमकने और तेज हवा चलने की आशंका जताई है।
महादेवघाट पुल से आवागमन बहाल
लगातार बारिश के कारण जलमग्न हुआ महादेवघाट पुल अब पानी उतरने के बाद आवागमन के लिए खोल दिया गया है। अमलेश्वर की ओर जाने वाला यह मार्ग पिछले दो दिनों से बंद था। पुल से आवाजाही शुरू होने के बाद लोगों को राहत मिली है। हालांकि, महादेवघाट में गणेश विसर्जन के लिए फिलहाल केवल समितियों के सदस्यों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।
नदी-नालों में बहने से तीन लोगों की मौत
प्रदेश में बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों में अलग-अलग घटनाओं में 12 लोग बह गए। इनमें तीन लोगों की मौत हो गई। लगातार बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी थी, हालांकि अब अधिकांश स्थानों पर पानी का स्तर कम होने लगा है।
सामान्य से 5.16 प्रतिशत अधिक बारिश
इस मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 30 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य औसत वर्षा 1132.3 मिमी निर्धारित है, जबकि 26 सितंबर तक 1190.7 मिमी बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से 5.16 प्रतिशत अधिक है। मानसून सीजन समाप्त होने में अभी चार दिन शेष हैं।
तेज हवा और बिजली चमकने पर बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखने के साथ वाहन चलाते समय भी सतर्क रहने की जरूरत है।