मुंगेली प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, बालिका को मिला सम्मान और समर्थन
मुंगेली . छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में प्रशासन की सतर्कता से एक नाबालिग का बाल विवाह रोक दिया गया। लोरमी विकासखंड के ग्राम साल्हेघोरी में हल्दी की रस्म शुरू होने से पहले ही जिला स्तरीय टीम ने मौके पर पहुंचकर विवाह को रुकवा दिया। 10वीं कक्षा तक पढ़ चुकी बालिका ने शादी से इनकार करते हुए कहा कि वह आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और मजदूरी के लिए दूसरे राज्य जाने की योजना के कारण माता-पिता उसका विवाह कराना चाहते थे। लेकिन बालिका की हिम्मत और प्रशासन की तत्परता ने उसे नया भविष्य दिया।
बाल कल्याण समिति और महिला बाल विकास विभाग की टीम ने बालिका को सम्मानित कर पेन, डायरी और श्रीफल भेंट किया। साथ ही परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 का हवाला देते हुए बताया कि बाल विवाह कराने पर 2 साल की सजा और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह रोकने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देने की अपील की गई।