बिना जांच-पड़ताल के प्लॉट खरीदने पर जलभराव, सड़क और नाली की समस्या से जूझ रहे लोग
भिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में लगातार अवैध प्लॉटिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं। दलालों द्वारा सस्ते और आकर्षक वादों के साथ प्लॉट बेचे जा रहे हैं, लेकिन बाद में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नागरिक परेशान हो रहे हैं। प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी देने और कार्रवाई के बावजूद बिना वैध अनुमति के प्लॉट बेचे और खरीदे जा रहे हैं।
जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी से बढ़ी दिक्कतें
साकेत नगर में अवैध प्लॉटिंग के कारण जल निकासी की गंभीर समस्या सामने आई है। नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडे और जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत ने अभियंताओं के साथ मौके का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि प्लॉटिंग के दौरान जल निकासी के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। कुछ लोगों ने अपने सामने की नाली बंद कर दी है, जिससे समस्या और भी गंभीर हो गई है।
प्लॉट विक्रेताओं की लापरवाही, नागरिकों की बढ़ी परेशानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्लॉट विक्रेताओं वैद्य और गुप्ता ने लोगों को बिना सही ढांचे की जानकारी दिए प्लॉट बेचे हैं। स्वाभाविक ढलान को बाधित कर प्लॉटिंग की गई, जिससे पानी का बहाव रुक गया और कई इलाकों में जलभराव होने लगा। कुछ लोगों ने अवैध रूप से मकान बना लिए हैं, जिससे समस्या और भी विकट हो गई है।
नगर निगम ने दिए समाधान के निर्देश
आयुक्त पांडे ने नागरिकों को आश्वासन दिया कि प्रशासन समस्या के समाधान का प्रयास करेगा, लेकिन जल निकासी का रास्ता प्राकृतिक ढलान के अनुरूप ही रखा जाएगा। राजस्व विभाग के निरीक्षकों और भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारियों की मदद से सीमांकन कर उचित समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि कोई भी प्लॉट खरीदने से पहले पूरी जांच-पड़ताल कर लें, जिससे भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, जनसंपर्क अधिकारी अजय शुक्ला, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।