कांग्रेस प्रभारी पायलट ने भाजपा पर लगाया एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप, कांग्रेस की हार की समीक्षा को लेकर बुलाई गई रणनीतिक बैठक
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात कर भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के संघर्ष को जारी रखने की बात दोहराई। इस बीच कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में चुनावी हार की समीक्षा और संगठनात्मक बदलाव पर चर्चा होनी है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट सोमवार को रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने शराब घोटाले के आरोप में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। जेल से बाहर आने के बाद पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा की विचारधारा का विरोध करने वालों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई है। देशभर में केंद्र सरकार द्वारा एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को दबाने की कोशिश की जा रही है।”

पायलट ने साफ कहा कि कांग्रेस का संघर्ष केवल न्याय के लिए है और वह थमने वाला नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार पर राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए चरित्र हनन का हथियार इस्तेमाल किया जा रहा है।
कवासी लखमा से मुलाकात के दौरान पायलट के साथ वरिष्ठ नेता चरणदास महंत, दीपक बैज, जरिता लैतफलांग, विजय जांगिड़, देवेंद्र यादव और लखमा के पुत्र हरीश कवासी भी मौजूद रहे।
इसके बाद पायलट दोपहर में कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में प्रमुख नेता जैसे कि दीपक बैज, चरणदास महंत, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और अन्य वरिष्ठ नेता भाग लेंगे।
बैठक का उद्देश्य हालिया विधानसभा, नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में कांग्रेस की पराजय की समीक्षा करना और संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाना है। कांग्रेस को हाल के चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है, जहां पार्टी न केवल सत्ता से बाहर हुई, बल्कि स्थानीय निकायों में भी उसका प्रभाव कमजोर हुआ। सूत्रों के अनुसार, बैठक में संगठनात्मक पुनर्गठन पर भी चर्चा हो सकती है। प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की मांग लंबे समय से उठ रही है और अब इस पर गंभीर निर्णय की संभावना जताई जा रही है। पार्टी उन कारणों की भी समीक्षा करेगी जिनकी वजह से मतदाताओं का भरोसा डगमगाया। रणनीति यह भी होगी कि आगामी चुनावों में पार्टी फिर से अपनी पकड़ मजबूत कैसे करे।

इस बीच भाजपा की ओर से डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस की बैठक पर तंज कसते हुए कहा कि, “कांग्रेस की बैठकों में होता क्या है, यह सबको पता है। वे हार की असली वजह जानने के बजाय एक-दूसरे पर दोष मढ़ते हैं। जनता ने इन्हीं कारणों से उनसे दूरी बना ली है।” पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी, कांग्रेस पार्टी का वह मंच है जहां राजनीतिक दिशा और संगठनात्मक फैसलों की रूपरेखा तय होती है। इस बैठक से छत्तीसगढ़ कांग्रेस को आत्मविश्लेषण के साथ आगे की राह तय करने का मौका मिलेगा।