हाईकोर्ट के फैसले के बाद मेयर नीरज पाल ने किया पुनर्नियुक्ति का आदेश, बजट बैठक से पहले सियासी समीकरण फिर बदले
भिलाई नगर निगम की राजनीति एक बार फिर करवट ले चुकी है। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद इंजीनियर सलमान की पार्षद पद पर वापसी हुई है और मेयर इन काउंसिल (MIC) में उन्हें पुनः शामिल कर संस्कृति, पर्यटन, मनोरंजन और विरासत संरक्षण विभाग सौंपा गया है। बजट बैठक से ठीक पहले यह निर्णय निगम की कार्यप्रणाली में अहम बदलाव लेकर आया है।
भिलाई नगर निगम की सियासत में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इंजीनियर सलमान, जिन्हें पहले पार्षद पद से निष्कासित कर दिया गया था, अब हाईकोर्ट के आदेश से फिर से अपने पद पर बहाल हो गए हैं। इसके बाद मेयर नीरज पाल ने उन्हें एक बार फिर मेयर इन काउंसिल (MIC) में जगह दी है और उन्हें संस्कृति, पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है।
दरअसल, निगम की एमआईसी में 13 सदस्यों का होना आवश्यक है। सलमान के निष्कासन के बाद यह संख्या 12 ही रह गई थी, जिसे पूरा करने के लिए पहले मीरा बंजारे को एमआईसी में शामिल किया गया था। लेकिन हाल ही में कुछ पार्षदों के असंतोष के चलते मीरा बंजारे ने एमआईसी सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया।
मेयर द्वारा उन्हें मनाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन जब वह नहीं मानीं, तो नया निर्णय लेना पड़ा। इसी बीच हाईकोर्ट बिलासपुर ने इंजीनियर सलमान के पक्ष में निर्णय सुनाया, जिससे उन्हें दोबारा वार्ड क्रमांक 35 शारदा पारा वार्ड का पार्षद माना गया। इस निर्णय के बाद मेयर नीरज पाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 मार्च को आदेश जारी कर सलमान को एमआईसी में शामिल कर दिया और विभाग का जिम्मा सौंपा। साथ ही वार्ड 39 की पार्षद रीता सिंह गेरा का विभाग बदलते हुए उन्हें महिला एवं बाल विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बता दें कि 19 मार्च को नगर निगम की बजट बैठक आयोजित होनी है। इससे पहले एमआईसी की पूरी संरचना को दुरुस्त कर लिया गया है ताकि सामान्य सभा की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके।