13 वर्षों की सेवा के बाद मिला उच्च पद, नक्सल ऑपरेशनों और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यों में निभाई अहम भूमिका
छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के अनुभवी अधिकारी रजनेश सिंह को राज्य सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर पदोन्नत किया है। यह प्रमोशन उनकी 13 साल की उत्कृष्ट सेवा के उपरांत मिला है, जो 1 जनवरी 2025 से प्रभाव में आएगा। नक्सल मोर्चे और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके प्रभावशाली काम को इस पदोन्नति का आधार माना जा रहा है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने मंगलवार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी रजनेश सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर प्रमोट कर दिया है। यह पदोन्नति लेवल-13 में दी गई है, जो आगामी 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी।
रजनेश सिंह को यह पदोन्नति उनकी 13 वर्षों की सेवाकाल की उपलब्धियों और उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के आधार पर मिली है। इससे पहले हाल ही में राज्य सरकार ने 2012 बैच के आठ आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नत किया था, लेकिन तकनीकी कारणों से उस सूची में रजनेश सिंह का नाम छूट गया था। अब शासन ने संशोधित आदेश जारी कर उन्हें भी प्रमोशन सूची में शामिल कर लिया है।

1997 में डीएसपी के रूप में अपनी सेवा की शुरुआत करने वाले रजनेश सिंह को समय-समय पर विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। वे रायपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, धमतरी और नारायणपुर में एसपी रह चुके हैं। वर्तमान में वे बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं।
साल 2012 में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा में शामिल किया गया और 2017 में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया। बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में उनकी रणनीतिक भूमिका को खूब सराहा गया। वहीं, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में तैनाती के दौरान उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार मामलों में सख्त कार्रवाई की थी।
इस पदोन्नति से रजनेश सिंह की नेतृत्व क्षमता और सेवाभाव को एक नई मान्यता मिली है।