दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर ऑपरेशन, 400 जवानों ने किया घेराव; अब तक 2025 में 146 नक्सली मारे गए
छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक और बड़ी मुठभेड़ हुई है। दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर भैरमगढ़ इलाके में पुलिस बल ने तीन नक्सलियों को मार गिराया। मौके से शवों के साथ हथियार भी बरामद हुए हैं। बीजापुर और दंतेवाड़ा जिला पुलिस का यह संयुक्त ऑपरेशन करीब 400 जवानों के साथ अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई में मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान जनवरी में हुए अंबेली ब्लास्ट के आरोपी के रूप में हुई है।
दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर सुरक्षाबलों ने एक बार फिर नक्सलियों पर करारा प्रहार किया है। भैरमगढ़ क्षेत्र के जंगलों में हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर कर दिए गए। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए करीब 400 जवानों को ऑपरेशन में लगाया गया था। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से तीन शवों के साथ हथियार भी बरामद किए गए हैं।
एसपी के मुताबिक, यह कार्रवाई बीजापुर के इंद्रावती क्षेत्र में हुई, जहां नक्सलियों की गतिविधि की सूचना मिली थी। मारे गए नक्सलियों में से एक, बीजापुर के अंबेली में 6 जनवरी को हुए आईईडी हमले में शामिल था, जिसमें 8 जवान और एक वाहन चालक शहीद हुए थे। इससे पहले भी सुरक्षाबलों ने बॉर्डर इलाके में कई बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में 45 लाख की इनामी महिला नक्सली रेणुका उर्फ बानू को मार गिराया गया था। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की सदस्य थी। उसके पास से इंसास राइफल, गोला-बारूद और एक लैपटॉप मिला था।
25 मार्च को भी सुरक्षाबलों ने 25 लाख के इनामी सुधीर उर्फ सुधाकर समेत 3 नक्सलियों को ढेर किया था। वर्ष 2025 में अब तक बस्तर रेंज में 146 नक्सलियों को मारा जा चुका है, जिनमें से 119 के शव बरामद किए जा चुके हैं। 6 दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दंतेवाड़ा दौरे के दौरान कहा था कि “अगले चैत्र नवरात्रि तक नक्सलवाद पूरी तरह खत्म होगा।” उन्होंने ग्रामीणों से अपील की थी कि नक्सलियों को सरेंडर कराएं और अपने गांव को नक्सल मुक्त बनाएं। सरकार हर नक्सल मुक्त गांव को एक करोड़ रुपए देने की योजना चला रही है।