- सफेमा कोर्ट ने माना – नशे की कमाई से खरीदी गई संपत्ति
- NDPS एक्ट के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई
- प्लॉट, कार, एक्टिवा समेत कई संपत्तियां जब्त
- अब तक 4 करोड़ की अवैध संपत्ति की पहचान, आगे भी होगी कड़ी कार्रवाई
बिलासपुर में नशे के कारोबार से मोटी कमाई कर ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे दो आरोपियों की अवैध संपत्ति पर अब कानून का शिकंजा कस गया है। पुलिस ने दोनों की करीब 15 लाख रुपए की संपत्ति जब्त कर ली है, जिसे मुंबई स्थित SAFEMA कोर्ट ने भी अवैध घोषित कर दिया है।
बिलासपुर . बिलासपुर पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत नशे के कारोबार में लिप्त काजल कुर्रे और अक्षय कुर्रे की लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। इन दोनों ने नशीले पदार्थों की बिक्री से मिले धन से प्लॉट, वाहन और दोपहिया खरीदे थे। जांच पूरी होने के बाद मामला सफेमा (SAFEMA) कोर्ट, मुंबई में भेजा गया था, जहां कोर्ट ने 16 अप्रैल को संपत्ति को अवैध घोषित करते हुए जब्त करने का आदेश दिया।
क्या-क्या जब्त हुआ?
- अक्षय कुर्रे: नशे से कमाई कर 6 अप्रैल 2019 को स्विफ्ट कार CG10 AS 3041 खरीदी।
- काजल कुर्रे: 1250 वर्गफुट का प्लॉट (सकरी, खसरा नंबर 41/8) 4 मार्च 2024 को जोहर भारमल से खरीदा।
- श्रृष्टि कुर्रे: नशीले व्यापार से एक्टिवा स्कूटर CG10 BQ 1687 खरीदी।
- गोदावरी कुर्रे उर्फ गिन्नी: अवैध धन से इयोन कार CG16 B 3594 खरीदी गई।
संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया:
एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। आरोपियों की संपत्ति के दस्तावेजों, क्रय-विक्रय तारीखों और स्रोतों की गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि आय का स्रोत नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री थी।

आगे की रणनीति:
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि आर्थिक आधार पर भी चोट पहुंचाई जा रही है। अब तक जिले में NDPS एक्ट के तहत 4 अलग-अलग मामलों में 12 आरोपियों की लगभग 4 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति की पहचान हो चुकी है। इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए भी SAFEMA कोर्ट से स्वीकृति मिल चुकी है।
जांच जारी:
शहर में सक्रिय अन्य नशा तस्करों की संपत्तियों की भी जांच चल रही है। जल्द ही उन पर भी जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। यह कदम केवल अपराध को रोकने नहीं, बल्कि अपराधियों की अवैध कमाई पर भी शिकंजा कसने की दिशा में बड़ा प्रयास है।