- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उद्योग जगत के लिए की नई पहल
- लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कई सेवाएं अधिसूचित
- रोजगार और औद्योगिक विस्तार को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अब निवेशकों को विभिन्न स्वीकृतियां और सेवाएं तय समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे राज्य में औद्योगिक माहौल और अधिक निवेश-अनुकूल बनेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। अब निवेशकों को आवश्यक स्वीकृतियां और सेवाएं निश्चित समयसीमा के भीतर प्रदान की जाएंगी। इसके लिए कई नई सेवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत अधिसूचित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उनका कहना है कि औद्योगिक विकास से राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता के साथ-साथ युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार का लक्ष्य त्वरित, पारदर्शी और जिम्मेदार सेवाएं प्रदान करना है।

राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, खतरनाक और अन्य अपशिष्ट प्रबंधन, बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित स्वीकृतियां क्रमशः 60 और 30 दिनों में प्रदान की जाएंगी। नदी या जलाशयों से जल दोहन हेतु अनुमति 300 दिनों में तथा जल आपूर्ति प्रमाण पत्र 90 दिनों में जारी होगा।
भवन निर्माण के पांच चरणों — भवन योजना स्वीकृति, संशोधन की अनुमति, ध्वस्तीकरण एवं पुनर्निर्माण की स्वीकृति, प्लिंथ स्तर की स्वीकृति तथा अधिभोग प्रमाण पत्र — के लिए अधिकतम 45 दिनों की सीमा तय की गई है। वहीं, लिफ्ट और एस्केलेटर स्थापना, नवीनीकरण तथा निरीक्षण के लिए भी 45 दिन का समय निर्धारित किया गया है। स्टार्टअप इकाइयों के पंजीकरण के लिए भी यही समयसीमा लागू होगी।
साथ ही, निवेशकों के प्रश्नों का समाधान निवेश सुविधा केंद्र और प्रोत्साहन एजेंसी द्वारा 7 दिनों में तथा शिकायतों का निपटारा 15 दिनों में किया जाएगा। सेवा क्षेत्र की इकाइयों के प्रश्न और शिकायतों के लिए भी यही समयसीमा तय की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रक्रियाओं को सरल बनाना और सेवाओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से छत्तीसगढ़ औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।
उल्लेखनीय है कि जिन सेवाओं को अब तक लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित नहीं किया गया था, वे भी इस आदेश के साथ अधिसूचित मानी जाएंगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है।