शौचालय और पक्के मकान जैसी बुनियादी सुविधाओं ने बदली ग्रामीण महिलाओं की ज़िंदगी, मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में मिल रहा समस्याओं का त्वरित समाधान
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुआई में संचालित ‘सुशासन तिहार’ सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में एक निर्णायक पहल बन चुकी है। इसका प्रभाव सरगुजा जिले के खुझी ग्राम में देखने को मिला, जहां वर्षों पुरानी मांगों का त्वरित निराकरण कर महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा की सौगात दी गई।
रायपुर। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के दूरस्थ ग्राम खुझी में ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से सरकार और जनता के बीच एक नया भरोसेमंद रिश्ता कायम हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु संचालित यह अभियान अब ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है।
शौचालय निर्माण से बढ़ा आत्मसम्मान
ग्राम खुझी की नवविवाहित महिला श्रीमती सबिता ने साझा किया कि उनके घर में शौचालय की अनुपस्थिति के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। उन्होंने ‘समाधान पेटी’ के माध्यम से अपनी बात शासन तक पहुंचाई। मात्र 18 दिनों में सर्वे पूरा कर पात्रता प्रमाण पत्र उन्हें सौंपा गया, जिससे उनके घर में शौचालय निर्माण का रास्ता साफ हो गया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय और प्रशासन का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पक्के मकान का सपना हुआ साकार
इसी गांव की एक अन्य महिला, श्रीमती श्यामपति, ने पहले चरण में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था। उनका कच्चा मकान बारिश के दिनों में असुरक्षित हो जाता था। सुशासन तिहार के अंतर्गत उनका सर्वे कर स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, जिससे अब उन्हें शीघ्र ही पक्का मकान मिलने की उम्मीद है। श्यामपति ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह योजना हमारे जैसे ग्रामीणों के लिए वरदान बन चुकी है।
जनता की आवाज़ बनता सुशासन तिहार
यह अभियान केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं, बल्कि यह शासन और समाज के बीच पारदर्शी संवाद का माध्यम बन गया है। सहभागिता और संवेदनशीलता की भावना से संचालित यह तिहार आमजन को सीधे शासन से जोड़कर उन्हें सशक्त बना रहा है।