धमतरी-गरियाबंद में अंधड़, कोरिया-मनेंद्रगढ़ में बौछारें, बस्तर में हल्की बारिश के आसार; तापमान में गिरावट दर्ज
छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टरबेंस, ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से मौसम में व्यापक बदलाव देखा जा रहा है। राज्य के 12 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। आगामी चार दिन तक कई इलाकों में तेज हवाएं, अंधड़ और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज बदल गया है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस, ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की संयुक्त प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में अंधड़ और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने धमतरी, गरियाबंद, कोंडागांव सहित 12 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।
कोरिया और मनेंद्रगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि बस्तर संभाग में अगले चार दिन तक हल्की से मध्यम वर्षा और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
पिछले कुछ दिनों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को दुर्ग राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.2°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम था। वहीं बिलासपुर, अंबिकापुर, पेंड्रा जैसे जिलों में तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री तक कम रहा।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 1 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी संभव है।
क्या है वेस्टर्न डिस्टरबेंस?
वेस्टर्न डिस्टरबेंस भूमध्यसागर से उठने वाली हवाएं होती हैं, जो नमी से भरी होती हैं और उत्तर-पश्चिम भारत में ठंड और बारिश लाने के लिए जानी जाती हैं। ये हवाएं ईरान, अफगानिस्तान होते हुए भारत पहुंचती हैं और मैदानी इलाकों में मौसम को प्रभावित करती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार मई में बारिश और तेज हवाएं कोई असामान्य बात नहीं है। बीते वर्षों में भी मई में तेज बारिश के दौर देखे गए हैं। 2021 में रायपुर में मई महीने में 93.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।