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रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी
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50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली गिरने का भी खतरा
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पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से तीन दिनों तक रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव
छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के तीन संभाग—रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में आगामी तीन दिनों तक तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का सिलसिला देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है, साथ ही लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) की वजह से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों में 9 से 11 मई तक तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए तीन दिन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन दिनों मध्य छत्तीसगढ़ में 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा बस्तर और सरगुजा के कुछ इलाकों में भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खुले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है।
🌡️ तापमान में आंशिक वृद्धि संभव
प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान फिलहाल 39 से 40 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। अगले तीन दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री तक वृद्धि की संभावना है। हालांकि इसके बाद मौसम स्थिर रहने के आसार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर और कैस्पियन सागर से उत्पन्न होने वाली ठंडी और नमी वाली हवाएं होती हैं, जो ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होते हुए भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में प्रवेश करती हैं। ये हवाएं उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी का कारण बनती हैं, और कभी-कभी मध्य भारत तक असर दिखाती हैं। इस बार यही सिस्टम धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है।
राज्य में पिछले दो हफ्तों से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है। कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 4–5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। अब इस नए सिस्टम के कारण मौसम फिर से बदलाव के दौर में है।