छुट्टियों पर रोक, समर वेकेशन टला, बार एसोसिएशन ने जताया विरोध; पुलिस को मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखने लगा है। राज्य प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें पुलिसकर्मियों की छुट्टियों पर नियंत्रण और हाईकोर्ट की गर्मी छुट्टियों को टालने का फैसला शामिल है।
रायपुर। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र छत्तीसगढ़ सरकार ने एहतियात के तौर पर प्रशासन और सुरक्षा तंत्र को सतर्क कर दिया है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि पुलिसकर्मियों को केवल आपातकालीन स्थिति में ही छुट्टी दी जाएगी। इसके अलावा, सभी अधिकारियों को बिना सरकारी काम के जिला मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य के डीजीपी ने सभी पुलिस इकाइयों को आदेश जारी कर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फोर्स को तैयार रहने को कहा है। उन्होंने बल को अलर्ट मोड पर रखने, अधिकतम कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था भी इस स्थिति से अछूती नहीं रही। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने समर वेकेशन को स्थगित कर दिया है। पहले यह छुट्टियां 10 मई से शुरू होनी थीं, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2 जून से 28 जून तक किया गया है। इस फैसले पर बार एसोसिएशन ने विरोध जताया है।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमाकांत सिंह चंदेल और सचिव वरुणेन्द्र मिश्रा ने इस निर्णय के खिलाफ रजिस्ट्रार जनरल मनीष कुमार ठाकुर को पत्र सौंपा है। उनका कहना है कि यह निर्णय अधिवक्ताओं के लिए असुविधाजनक है और समर वेकेशन का निर्णय पुनः विचारणीय है।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ की पुलिस और न्यायपालिका दोनों ही संभावित राष्ट्रीय आपात स्थिति को लेकर सतर्क हैं और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का संकेत दे रहे हैं।