राजनांदगांव-दुर्ग के बीच ट्रेन में महिला का पर्स पार; पुलिस की सघन जांच से कड़ी दर कड़ी खुला बड़ा नेटवर्क
शिवनाथ एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला से 65 लाख की हीरे-जवाहरात की चोरी का मामला अब सुलझ चुका है। जीआरपी की जांच में यह खुलासा हुआ कि चोरी में एक संगठित गैंग शामिल था, जो ट्रेनों को रात के वक्त निशाना बनाता था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है और चोरी गया सामान भी बरामद कर लिया गया है, जबकि मुख्य सरगना अब भी फरार है।
रायपुर | 4 अप्रैल को छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली शिवनाथ एक्सप्रेस (18240) में महाराष्ट्र निवासी व्यापारी की पत्नी से ट्रेन में सफर के दौरान 65 लाख रुपए की डायमंड ज्वेलरी और नकदी चोरी हो गई थी। यह वारदात राजनांदगांव और दुर्ग स्टेशन के बीच हुई, जब पीड़िता हिना पटेल (54) अपने परिवार के साथ कोच HA-1 में सफर कर रही थीं। पर्स में मौजूद दो हीरे के नेकलेस, चार अंगूठियां, इयररिंग्स और 45,000 रुपये नकद सहित गहनों की कुल कीमत 65 लाख रुपये आंकी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस ने एक विशेष जांच टीम गठित की, जिसके नेतृत्व में दो आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया:
- संतोष साव उर्फ अफरीदी (34) – राउरकेला, उड़ीसा
- शेखर प्रसाद दास (42) – सुंदरगढ़, उड़ीसा
जबकि तीसरा आरोपी रोहित उर्फ गोलू कोलकाता निवासी अब भी फरार है।
गिरफ़्तारी के बाद अफरीदी ने पूछताछ में जुर्म कबूल करते हुए बताया कि चोरी का माल रोहित और शेखर को बेच दिया गया था। बाद में शेखर ने बताया कि उसने सामान अपने भांजे रोहित से खरीदा। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने सिर्फ एक नहीं, चार अलग-अलग चोरी के मामलों का भी खुलासा किया है, जिनमें बिलासपुर, भिलाई और डोंगरगढ़ में दर्ज केस शामिल हैं।
👮♀️ कैसे करते थे वारदात?
मुख्य आरोपी संतोष ने बताया कि उनका गिरोह रात के समय चलने वाली ट्रेनों को टारगेट करता था। भीड़भाड़ और नींद का फायदा उठाकर यात्रियों के बैग और पर्स पार कर लिए जाते थे।
🎖️ जांच टीम में रहे ये अधिकारी शामिल:
इस केस को सुलझाने में रेलवे SP श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक एसएन अख्तर, साइबर सेल प्रभारी बीएन मिश्रा, निरीक्षक आरके बोर्झा, उप निरीक्षक राजेन्द्र सिंह, राकेश वर्मा, भास्कर पाणिग्राही सहित दर्जनों स्टाफ का योगदान रहा।