आईजी रामगोपाल गर्ग ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए संसाधनों, प्रशिक्षण और ‘साइबर प्रहरी’ अभियान को सशक्त करने के दिए निर्देश
साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग ने आज साइबर थाना और सीसीटीएनएस कक्ष का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने तकनीकी संसाधनों, केस ट्रैकिंग प्रक्रिया और स्टाफ की कार्यकुशलता की गहन पड़ताल की और साइबर जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
दुर्ग. दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग ने साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच प्रक्रिया की स्थिति जानने के लिए आज साइबर थाना दुर्ग रेंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, रिकॉर्ड रजिस्टर, पंजिकाओं और उपयोग किए जा रहे डिजिटल सॉफ़्टवेयर का भौतिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान आईजी गर्ग ने साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों, केस ट्रैकिंग सिस्टम, अनुसंधान प्रगति, तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता, तथा कर्मियों की संख्या का गहन विश्लेषण किया। उन्होंने मूलभूत आवश्यकताओं में पाई गई कमियों को नोट करते हुए त्वरित सुधार के निर्देश भी जारी किए।
आईजी गर्ग ने कहा कि – “साइबर अपराध 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष बल और अत्याधुनिक उपकरणों की आवश्यकता है।”
उन्होंने पुलिस स्टाफ को निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता में सुधार और तीन नए आपराधिक कानूनों की जानकारी हेतु ‘कर्मयोगी ऐप’ के माध्यम से प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीसीटीएनएस कक्ष का अवलोकन कर उसमें चल रहे कार्यों – जैसे नफीस, सिटीजन सर्विसेज, और साइबर शिकायत निपटान प्रक्रिया – की समीक्षा करते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए।
अंत में श्री गर्ग ने “साइबर प्रहरी” जनजागरूकता अभियान को अधिक प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि नागरिक डिजिटल ठगी से सचेत रह सकें और स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
इस अवसर पर साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक श्री तपेश्वर नेताम, उपनिरीक्षक डॉ. संकल्प राय, पुलिस पीआरओ प्रशांत कुमार शुक्ला समेत थाना एवं सीसीटीएनएस स्टाफ उपस्थित थे।