SAFEMA कोर्ट के आदेश पर दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध नशा कारोबार से अर्जित करीब 40 लाख की संपत्ति सीज
भिलाई में नशे के धंधे से कमाई गई संपत्ति पर शिकंजा कसते हुए दुर्ग पुलिस ने दो गांजा तस्करों की करोड़ों की संपत्ति जब्त कर ली है। SAFEMA कोर्ट के निर्देश के बाद हुई इस कार्रवाई में तीन मकान, एक स्कूटी और दो बाइक को सीज किया गया है।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र में रहने वाले दो गांजा तस्करों — जी. सरोजनी और जी. धनराजू की संपत्ति मंगलवार को सीज कर दी गई। दुर्ग पुलिस की टीम SAFEMA कोर्ट (स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट) के आदेश पर इन तस्करों के ठिकानों पर पहुंची और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया पूरी की।

पुलिस ने बताया कि जी. सरोजनी ने गांजा तस्करी के जरिए कमाई गई रकम से तीन मकान और वाहन खरीदे थे। जिनमें बालाजी नगर खुर्सीपार स्थित 16.55 लाख का मकान, मिनीमाता नगर का 20.46 लाख रुपए का मकान और गणेश मंदिर क्षेत्र का 2.12 लाख रुपए कीमत का मकान शामिल है। इसके अलावा एक स्कूटी और बाइक को भी जब्त किया गया है। कुल मिलाकर लगभग 40 लाख की संपत्ति को सील किया गया।
एएसपी पद्मश्री तंवर ने जानकारी दी कि 6 सितंबर 2024 को खुर्सीपार क्षेत्र में जी. सरोजनी को गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। SAFEMA कोर्ट को पेश किए गए साक्ष्यों में यह सिद्ध हुआ कि उसकी संपत्तियां अवैध रूप से अर्जित की गई हैं।
कार्रवाई के दौरान जी. सरोजनी ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर एएसपी कार्यालय लाया। साथ ही, तस्कर जी. धनराजू की 65 हजार रुपए मूल्य की बाइक को भी जब्त किया गया है। दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई को नशा कारोबारियों पर करारा प्रहार माना जा रहा है, जो आने वाले समय में अन्य अपराधियों के लिए चेतावनी का संकेत है।