-
263 लोगों की जांच, 35 संदिग्धों के लिए गए फिंगरप्रिंट
-
पश्चिम बंगाल से आए 26 लोगों की पहचान, दस्तावेजों की जांच जारी
राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के विरुद्ध दुर्ग पुलिस ने बुधवार सुबह एक संगठित और सुनियोजित अभियान चलाया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक चेकिंग कर संदिग्ध लोगों की पहचान की गई और फिंगरप्रिंट व दस्तावेजों की जांच की गई।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती बरतते हुए दुर्ग पुलिस ने एक और सघन अभियान चलाया है। बुधवार 11 जून 2025 की सुबह 5 बजे से 7 बजे तक, विशेष टीमों द्वारा जिले के कई इलाकों में आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की पहचान और सत्यापन पर मुख्य रूप से फोकस किया गया।

पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धमधा के नेतृत्व में थाना नंदनी नगर और धमधा की अलग-अलग टीमों ने नंदनी टाउनशिप और वार्ड-07 के आवासीय क्षेत्रों में जाकर कुल 263 लोगों की जांच की। जांच के दौरान 35 संदिग्ध व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट लिए गए, जिनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
इसी प्रकार, दुर्ग शहर के गयानगर क्षेत्र में नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग के नेतृत्व में थाना दुर्ग, पद्मनाभपुर, भिलाई नगर और सुपेला की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से चेकिंग की।
इस दौरान 26 ऐसे लोग मिले, जो बाहर से आकर यहां रह रहे थे। इनमें से 03 व्यक्ति हुगली जिला (पश्चिम बंगाल) और 23 व्यक्ति पश्चिम मिदनापुर (पश्चिम बंगाल) के निवासी पाए गए। सभी के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और फिंगरप्रिंट लेकर रिकॉर्डिंग की गई है।
दुर्ग पुलिस का यह अभियान स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन अवैध अप्रवासियों की मौजूदगी को लेकर गंभीर है और आने वाले दिनों में ऐसे और भी अभियान चलाए जाने की पूरी संभावना है।